शनिवार, 11 फ़रवरी, 2006 को 05:37 GMT तक के समाचार
डेनमार्क ने सीरिया में अपने राजनयिकों को यह कहते हुए वापस बुला लिया है कि वहाँ उनकी सुरक्षा की गारंटी नहीं दी जा सकती.
डेनमार्क के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि सीरिया की राजधानी दमिश्क में उनका दूतावास अस्थाई तौर पर बंद रहेगा क्योंकि सीरिया सरकार ने दूतावास की सुरक्षा घटाकर काफ़ी निचले स्तर पर कर दी है.
दमिश्क में डेनमार्क के दूतावास पर एक सप्ताह पहले पैगंबर मोहम्मद के कार्टूनों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हमला किया गया था.
उसके बाद से डेनमार्क और सीरिया के बीच संबंधों में तनाव आ गया था.
ग़ौरतलब है कि पैगंबर मोहम्मद का मखौल उड़ाने वाले कार्टून सबसे पहले 30 सितंबर 2005 को डेनमार्क के ही एक अख़बार ने प्रकाशित किए थे.
उसके बाद मुस्लिम देशों में उन कार्टूनों के विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं.
फ्रांस के कुछ शीर्ष मुस्लिम संगठनों ने उन अख़बारों के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई करने का फ़ैसला किया है जिन्होंने इस्लाम के पैगंबर मोहम्मद का मखौल उड़ाने वाले कार्टून छापे थे.
फ्रांस के पाँच अख़बारों ने भी समर्थन में वो कार्टून फ़रवरी के प्रथम सप्ताह में प्रकाशित किए, जिसके बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए.
फ्रांस के राष्ट्रपति ज़्याक शिराक ने कार्टूनों को फिर से प्रकाशित करने के फ़ैसले को उकसाने वाली कार्रवाई बताया है.
उधर मलेशिया के प्रधानमंत्री का कहना है कि इस्लाम और पश्चिमी देशों के बीच खाई बहुत गहरी हो गई है जो पश्चिमी देशों की विदेश नीति के कारण और गहरा रही है.
प्रधानमंत्री अब्दुल्ला बदावी का कहना है कि बहुत सारे पश्चिमी लोग मुसलमानों को आतंकवादी समझते हैं.
लेकिन उन्होंने मुस्लिम जगत से अपील की कि सभी पश्चिमी देशों को एक ही पलड़े में रखकर उनकी आलोचना करने से मुसलमानों को बचना चाहिए.