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बुधवार, 08 फ़रवरी, 2006 को 00:57 GMT तक के समाचार

कार्टून विवाद में ईरानी अख़बार भी

यूरोपीय अख़बारों में पैगंबर मोहम्मद के कार्टून छापे जाने के बाद, ईरान के एक अख़बार ने होलोकॉस्ट या यहूदी जनसंहार के कार्टूनों की एक प्रतियोगिता शुरु की है.

हमशाहरी अख़बार का कहना है कि पैगंबर मोहम्मद के कार्टून छापने वाले यूरोपीय अख़बारों की तरह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की हद देखना चाहता है.

उधर डेनमार्क के प्रधानमंत्री आंदर्स फ़ो रासमुसेन ने कहा है कार्टूनों पर जारी विवाद पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा संकट बन रहा है.

कार्टून विरोधी प्रदर्शन जारी

उन्होंने ये कहते हुए शांति कायम करने की कोशिश की है कि वे मुस्लिम जगत से बातचीत और सहयोग चाहते हैं.

उन्होंने कहा कि उन्हें कई देशों की तरफ़ से सहयोग के संदेश मिले हैं जिनमें कई मुस्लिम देश भी हैं.

'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता'

उधर ईरान में बड़ी संख्या में बिकने और दूर-दूर तक पढ़े जाने वाले हमशाहर अख़बार ने पूछा है - "क्या पश्चिमी देशों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता होलोकॉस्ट या यहूदी जनसंहार जैसी घटनाओं पर भी लागू होती है या फिर ये केवल पवित्र धर्मों तक ही सीमित है?"

अख़बार ने पाठकों से अमरीका और इसराइल के कथित अपराधों के कार्टून भेजने को भी कहा है.

महत्वपूर्ण है कि ईरान ने इस मुद्दे पर अपना विरोध जताते हुए डेनमार्क से व्यापार संबंध तोड़ने की घोषणा की है.

उधर यूरोपीय आयोग ने चेतावनी दी है जो देश डेनमार्क में बनी चीज़ो का बहिष्कार करते हैं, आयोग उन देशों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करेगा क्योंकि ऐसा बहिष्कार सभी यूरोपीय वस्तुओं का बहिष्कार माना जाएगा.

डेनमार्क ने कहा है कि राजधानी तेहरान में उसके दूतावास पर प्रदर्शनकारियों के हमले के लिए वह ईरान को ज़िम्मेदार मानता है.

सोमवार को तेहरान में सरकार के समर्थन वाले एक विरोध प्रदर्शन में लोगों ने 'यूरोप मुर्दाबाद' के नारे लगाते हुए डेनमार्क और ऑस्ट्रिया के दूतावासों पर पत्थर और पेट्रोल बम फेंके थे.

'इस्लाम के दुश्मन नहीं'

डेनमार्क के प्रधानमंत्री ने कहा है, "इस संकट को हमलोगों को बातचीत से सुलझाना चाहिए ना कि हिंसा से. डेनमार्क के लोग इस्लाम के दुश्मन नहीं हैं".

लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि कट्टरपंथी और अतिवादी ताक़तें इस संकट की घड़ी का फ़ायदा उठाने की कोशिश कर रही हैं.

उन्होंने कहा,"हमें ऐसे पेश किया जा रहा है जैसे कि हम असहिष्णु लोग हैं और इस्लाम को सहन नहीं कर सकते. ये ग़लत छवि है. कट्टरपंथी लोग जो संस्कृतियों और धर्मों का संघर्ष चाहते हैं वे इस छवि को और फैला रहे हैं".

उधर नाराज़ मुसलमानों ने मंगलवार को भी कई देशों में प्रदर्शन किए.

कई देशों में प्रदर्शन जारी

अफ़ग़ानिस्तान के प्रदर्शन के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई. वहाँ सोमवार को भी पाँच व्यक्तियों की जान चली गई थी. सोमालिया में भी एक व्यक्ति मारा गया था.

अफ़ग़ानिस्तान में प्रदर्शनकारियों ने सैनिक संगठन नैटो के शांतिरक्षकों के एक वायुसेना अड्डे पर हमले का प्रयास किया जिसके बाद अब ब्रिटेन के और सैनिकों को वहाँ भेजा जा रहा है.

इस बीच नॉर्वे ने शनिवार को सीरिया की राजधानी में अपने दूतावास को जलाए जाने के लिए सीरिया सरकार से हर्जाने की माँग की है.

मंगलवार को अफ़ग़ानिस्तान में राजधानी काबुल समेत कई शहरों, ईरान की राजधानी तेहरान, इंडोनेशिया में जकार्ता और सुराबाया और फ़िलीपींस में विरोध प्रदर्शन हुए.

वीडियोः विभिन्न देशों में कार्टून विरोधी प्रदर्शन

ईरान की राजधानी तेहरान में लगातार दूसरे दिन प्रदर्शनकारी डेनमार्क के दूतावास में चले गए और उन्होंने वहाँ पथराव किया.

पाकिस्तान के पेशावर शहर में भी प्रदर्शन हुए. भारत प्रशासित कश्मीर में कार्टूनों के विरोध में आम हड़ताल बुलाई गई जिसका जनजीवन पर व्यापक असर पड़ा.

पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में मुज़फ़्फ़राबाद में भी बड़े प्रदर्शन हुए.

काबुल में भी कई यूरोपीय देशों के दूतावासों पर पत्थरबाज़ी की गई जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को पीटा.

अफ़ग़ानिस्तान के जलालाबाद और हेरात शहर में भी प्रदर्शन हुए हैं. दक्षिणी फ़िलीपींस के कोटाबाटो शहर में सैकड़ों मुसलमानों ने प्रदर्शन किए.

इंडोनेशिया में देश के दूसरे सबसे बड़े शहर सुराबाया में डेनमार्क और अमरीका के वाणिज्यिक दूतावासों पर प्रदर्शन किए हैं.