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बुधवार, 08 फ़रवरी, 2006 को 07:59 GMT तक के समाचार

हमास नेता मशाल का इसराइल को संदेश

फ़लस्तीनी चरमपंथी गुट हमास के नेता ख़ालिद मशाल ने कहा है कि उनका संगठन शांति की दिशा में गंभीरता से क़दम उठाने को तैयार है अगर इसराइल भी ऐसा करे.

बीबीसी के साथ इंटरव्यू में मशाल ने कहा कि हमास हिंसा का रास्ता नहीं छोड़ेगा क्योंकि क़ब्ज़े के ख़िलाफ़ संघर्ष करना क़ानूनी है.

पिछले महीने हमास को फ़लस्तीनी चुनाव में जीत हासिल हुई है. बीबीसी के साथ बातचीत में ख़ालिद मशाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि हमास लंबे समय तक फ़लस्तीनियों के संघर्ष का नेतृत्व करने की क्षमता रखता है.

फ़लस्तीनी चुनाव में जीत के बाद नई सरकार के गठन पर विचार-विमर्श करने के लिए हमास के नेता मिस्र की राजधानी काहिरा में इकट्ठा हुए हैं.

फ़लस्तीनी क्षेत्र से निर्वासित हमास नेता ख़ालिद मशाल दमिश्क में रहते हैं लेकिन हमास के नेताओं से विचार-विमर्श के लिए काहिरा पहुँचे हैं.

'क़ानूनी हक़'

बीबीसी के साथ ख़ास इंटरव्यू में मशाल ने ब्रितानी विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ के उस बयान से सहमति जताई कि हिंसा और लोकतंत्र एकसाथ नहीं मिल सकते.

लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट किया कि उनका बयान आज़ाद देशों के संदर्भ में था. उन्होंने कहा कि फ़लस्तीनियों का संघर्ष क़ानूनी और जायज़ है.

पिछले साल ज़्यादातर समय चरमपंथी गुट हमास ने इसराइल के साथ संघर्ष विराम पर अमल किया. मेशल ने कहा कि ये संघर्ष विराम लंबे समय तक के लिए हो सकता है अगर इसराइल 1967 के मध्य पूर्व युद्ध के समय की सीमाओं तक अपने को हटा ले.

बीबीसी के मध्य पूर्व संपादक जेरेमी बॉवेन का कहना है कि इसराइल की सोच ये है कि इस तरह के प्रस्ताव से हमास को मौक़ा मिलेगा कि वह अपने को और मज़बूत बनाए क्योंकि यह संगठन यहूदी राष्ट्र का ख़ात्मा चाहता है.

दूसरी ओर बीबीसी के साथ इंटरव्यू में मशाल ने कहा कि अगर इसराइल 1967 की सीमाओं तक अपने को समेट लेता है तो इलाक़े में शांति और सुरक्षा क़ायम हो सकती है.

ये स्थिति उस समय तक रह सकती है जब तक अंतरराष्ट्रीय समुदाय सभी की समस्याओं का हल नहीं निकाल लेता.