गुरुवार, 09 फ़रवरी, 2006 को 02:23 GMT तक के समाचार
अमरीकी विदेश मंत्री कॉंडोलीज़ा राइस ने कहा है कि पैगंबर मोहम्मद के कार्टून छापे जाने के विवाद पर ईरान और सीरिया पश्चिम-विरोधी भावनाएँ भड़का रहे हैं.
अमरीका ने ये आरोप उस समय लगाया जब ईरान में ब्रितानी दूतावास पर हमला किया गया है.
इसराइल के विदेश मंत्री के साथ पत्रकार वार्ता में कोंडोलीज़ा राइस ने कहा कि कार्टून विवाद पर कुछ देश ज़िम्मेदारी से काम ले रहे हैं लेकिन कुछ देशों ने इस विवाद का इस्तेमाल ‘हिंसा भड़काने के लिए किया है.’
उधर अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने पूरी दुनिया में विभिन्न सरकारों से कहा है कि पैगंबर मोहम्मद के कार्टून छापने के विरोध में हो रही हिंसा को रोका जाना चाहिए.
व्हाइट हाउस में जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला से मुलाक़ात के बाद जॉर्ज बुश ने कहा कि विदेशों में काम कर रहे राजनयिकों की रक्षा की जानी चाहिए.
जॉर्ज बुश ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की वकालत करते हुए कहा कि अगर स्वतंत्रता है तो इसके साथ ज़िम्मेदारी भी आती है.
फ़्रांस
फ़्रांस के राष्ट्रपति ज़्याक शिराक ने एक पत्रिका में पैगंबर मोहम्मद के कार्टून फिर से छापने के फ़ैसले को ‘उकसाने वाला’ फ़ैसला बताया है.
एक फ़्रांसीसी पत्रिका ने बुधवार को इन कार्टूनों को फिर से छापा है.
चार्ली एबडो नाम की इस पत्रिका में वो सभी 12 कार्टून छापे गए हैं जो पिछले साल डेनमार्क के अख़बार में छापे गए थे.
पत्रिका में इस्लाम के अलावा दूसरे धर्मों पर भी टिप्पणी की गई है. फ़्रांस के राष्ट्रपति शिराक ने कहा है जिस विषय से दूसरों की भावनाएँ आहत होती हों उससे बचना चाहिए.
उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता फ़्रांसीसी गणराज्य के मूल आधारों में से एक है लेकिन इसका दुरुयोग नहीं किया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा, “स्वतंत्रता की अभिव्यक्ति ज़िम्मेदारी के साथ की जानी चाहिए.”
वहीं डेनमार्क के प्रधानमंत्री ने कहा है कि क्या छापा जाना चाहिए ये तय करना मीडिया का काम है.
कार्टून छापे जाने के विरोध में दुनिया भर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.