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रविवार, 05 फ़रवरी, 2006 को 11:55 GMT तक के समाचार

'परमाणु एजेंसी के साथ सहयोग नहीं'

ईरान ने कहा है कि वह अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के साथ अपनी ओर से किए जा रहे सभी अतिरिक्त सहयोग बंद कर रहा है. इनमें आईएईए अधिकारियों का औचक निरीक्षण भी शामिल है.

ईरानी के विदेश मंत्री मनुचेर मोतकी ने कहा है कि ईरान अब केवल परमाणु अप्रसार संधि के दायरे के भीतर रहकर ही आईएईए के साथ सहयोग करेगा.

शनिवार को आईएईए बोर्ड की बैठक में ईरान के परमाणु मामले को सुरक्षा परिषद में भेजे जाने का प्रस्ताव पारित किया गया था.

इस पर टिप्पणी करते हुए ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने कहा कि पश्चिमी देश ईरान को प्रगति करने से नहीं रोक सकते.

हालाँकि ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हामिद रज़ा आसिफ़ी ने कहा है कि ईरान उस समझौता प्रस्ताव पर बातचीत के लिए तैयार है जिसे रूस ने पेश किया है.

'बदली हुई परिस्थिति'

हालाँकि उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि अब स्थिति बदल गई है इसलिए रूस के प्रस्ताव को नई परिस्थिति में ढालने की आवश्यकता है.

इससे पहले वियना में एक ईरान अधिकारी ने कहा था कि अब चूँकि स्थिति बदल गई है इसलिए रूस के प्रस्ताव पर विचार करने की आवश्यता नहीं.

रूस ने प्रस्ताव दिया है कि वह ईरान के लिए परमाणु ईंधन तैयार कर सकता है लेकिन ईरान इस बात पर ज़ोर देता रहा है कि उसे अपने यहाँ इस तकनीक का इस्तेमाल करने की अनुमति मिलनी चाहिए.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता आसिफ़ी ने कहा कि ईरान अपने भविष्य को लेकर चिंतित नहीं है क्योंकि उसके परमाणु मामले को सुरक्षा परिषद में भेजने से ईरान से ज़्यादा दुनिया को नुक़सान है.

उन्होंने कहा कि ईरान बिना किसी अंतरराष्ट्रीय सहायता के इराक़ के साथ आठ वर्षों तक युद्ध झेल चुका है.

इस बीच रूस के रक्षा मंत्री सर्गेई इवानोफ़ ने कहा है कि रूस नहीं चाहता कि ईरान परमाणु हथियार विकसित करे लेकिन उन्होंने इस पर संदेह व्यक्त किया कि प्रतिबंध प्रभावी साबित हो पाएँगे.

ईरान का मामला सुरक्षा परिषद में भेजे जाने पर अपनी टिप्पणी में राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा कि यह क़दम ईरान सरकार को स्पष्ट संकेत है कि वह परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकता. आईएईए बोर्ड की बैठक में 35 में से 27 सदस्य देशों ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया.