http://www.bbcchindi.com

शनिवार, 04 फ़रवरी, 2006 को 13:42 GMT तक के समाचार

आईएईए के प्रस्ताव की मुख्य बातें

ईरान के परमाणु कार्यक्रम की शिकायत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से करने संबंधी मसौदे को 35 में से 27 देशों का समर्थन मिला है.

आईएईए के इस मसौदे की मुख्य बातें-

ईरान के रवैए पर-- ईरान अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों और परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) की शर्तों का पालन करने में नाकाम रहा है. ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर पारदर्शी नहीं रहा है. आईएईए के महानिदेशक ईरान के इस रवैए की वजह से कई तथ्यों की पुष्टि नहीं कर सके हैं.

अंतरराष्ट्रीय चिंता--ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर गहरी चिंता है और उसे चाहिए कि वह लंबे समय तक ऐसे समय क़दम उठाए ताकि उस पर विश्वास किया जा सके.

कूटनीति--ईरान के परमाणु कार्यक्रम के विवाद को कूटनीतिक तरीक़े से हल करने के हरसंभव प्रयास जारी किए जाते रहने चाहिए.

ईरान क्या-क्या करे-- ईरान यूरेनियम संवर्धन से संबंधित सभी गतिविधियाँ बंद करे, जिसमें शोध और विकास भी शामिल है, और इस बात की पुष्टि आईएईए कर सके.

ईरान यूरेनियम संवर्धन पर शोध के लिए नया संयंत्र लगाने के अपने निर्णय पर दोबारा विचार करे.

परमाणु कार्यक्रम संबंधी सभी समझौतों को मंज़ूर करके उन पर अमल करे.

पारदर्शिता बढ़ाने के लिए आईएईए के महानिदेशक के सुझावों को माने, सभी दस्तावेज़ों और ठिकानों की जाँच करने में आईएईए की मदद करे.

दस्तावेज़ पर चिंता--ईरान के पास कुछ ऐसे दस्तावेज़ हैं जिनमें 'यूरेनियम मेटल हेमीस्फ़ियर' के बारे में जानकारी है, आईएईए को अभी तक वह दस्तावेज़ उपलब्ध नहीं कराया गया है इसके बिना कई महत्वपूर्ण तथ्यों के बारे में जान पाना संभव नहीं है.

अफ़सोस--ईरान ने कई चेतावनियों के बाद 10 दिसंबर 2005 से यूरेनियम संवर्धन करना दोबारा शुरू कर दिया.

आईएईए महानिदेशक की भूमिका--आईएईए के महानिदेशक ने बहुत सराहनीय कार्य किया है, अपनी तरफ़ से उन्होंने तथ्यों को सामने लाने का पूरा प्रयास किया है.आईएईए के बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स की मार्च में होने वाली बैठक में महानिदेशक अपनी रिपोर्ट पेश करें जिसमें बताया जाए कि इस मसौदे सहित अब तक पारित किए प्रस्तावों पर क्या प्रगति हुई है. महानिदेशक मार्च में पारित वाले प्रस्ताव को अपनी रिपोर्ट के साथ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को सूचित करें.