शनिवार, 04 फ़रवरी, 2006 को 16:02 GMT तक के समाचार
हज़रत मोहम्मद के कार्टून छापे जाने से नाराज़ प्रदर्शनकारियों ने सीरिया में डेनमार्क और नॉर्वे के दूतावासों में आग लगा दी है.
सीरिया की राजधानी दमिश्क में शनिवार को हज़ारों प्रदर्शनकारियों ने पहले डेनमार्क के दूतावास पर पत्थर बरसाए और उसके बाद नॉर्वे के दूतावास पर भी हमला किया.
नारे लगा रहे लोगों में से कुछ ने डेनमार्क के झंडे को हटा दिया और उसकी जगह एक और झंडा लगा दिया जिसपर लिखा था - "अल्लाह के अलावा कोई दूसरा ख़ुदा नहीं है और मोहम्मद अल्लाह के पैग़ंबर हैं"
दूतावास को बंद कर दिया गया है लेकिन अभी ये पता नहीं है कि जिस समय प्रदर्शन शुरू हुए उस समय उसके भीतर लोग थे या नहीं.
सीरिया में पिछले कुछ दिनों से डेनिश दूतावास के बाहर लगातार धरने-प्रदर्शन हो रहे हैं.
ईरान में राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने कहा है कि सरकार को उन सभी देशों के साथ व्यावसायिक और व्यापारिक संबंध तोड़ने के बारे में विचार करना चाहिए जहाँ के अख़बारों में ऐसे कार्टून प्रकाशित हुए हैं.
ये कार्टून पिछले वर्ष सबसे पहले डेनमार्क के अख़बार में छपे थे जिसके बाद से इन्हें कुछ यूरोपीय देशों और जॉर्डन में फिर प्रकाशित किया गया है.
रोमन कैथोलिक चर्च ने भी कार्टूनों के प्रकाशन की निंदा की है और कहा है कि अभिव्यक्ति की आज़ादी का मतलब धार्मिक आस्थाओं को चोट पहुँचाना नहीं होना चाहिए.
वैटिकन के एक प्रवक्ता ने कहा कि अगर विभिन्न देशों को शांति के साथ रहना है तो उन्हें एक-दूसरे को सम्मान देना चाहिए.
संपादक गिरफ़्तार
इस बीच जॉर्डन में उस समाचारपत्र के संपादक को गिरफ़्तार कर लिया गया है जिसमें ये विवादित कार्टून छापे गए थे.
जिहाद मोमानी नामक संपादक को एक दिन पहले ही नौकरी से हटा दिया गया था.
मोमानी ने अपने अख़बार में डेनमार्क के समाचारपत्र में छपे तीन कार्टूनों को फिर से प्रकाशित किया था और साथ ही इस संबंध में एक संपादकीय भी छापा था.
इस संपादकीय में ये सवाल उठाया गया था कि कार्टूनों को लेकर मुस्लिम जगत में जो क्रुद्ध प्रतिक्रिया नज़र आ रही है वह क्या सही है.
जोर्डन के शाह अब्दुल्ला ने हज़रत मोहम्मद के कार्टूनों की निंदा की थी और इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का एक अनावश्यक प्रयोग बताया था.