मंगलवार, 31 जनवरी, 2006 को 17:41 GMT तक के समाचार
स्कैनडेनेविया की सबसे बड़ी दूध उत्पादक कंपनी अरला का कहना है कि उसके उत्पादों की बिक्री अरब देशों में पूरी तरह बंद हो गई है.
इसका कारण है – डेनमार्क के एक अख़बार (युलांस पोस्ट) में छपे पैगंबर मोहम्मद के रेखाचित्र, जिनको लेकर विवाद काफ़ी गहरा हो गया है.
यह अख़बार अपनी ग़लती की माफी माँग चुका है और डेनमार्क के इस्लामी संगठनों ने इस माफी को स्वीकार भी कर लिया है.
पहले इन्हीं संगठनों ने अख़बार में छपे रेखाचित्र का विरोध किया था.
इन कम्पनियों के माल की बिक्री में इस माफी के बाद भी कोई बदलाव नहीं आया है.
विरोध प्रदर्शन करने वालों का कहना है कि कार्टूनों ने पैगंबर मोहम्मद को अपमानित किया गया है. उनका कहना है कि कुछ तस्वीरें उन्हें आतंकवाद से भी जोड़ती हैं.
अरब देशों के प्रदर्शनों में कई जगह डेनमार्क के राष्ट्रीय झंडे को जलाया गया और डेनमार्क की कई कम्पनियों का बहिष्कार भी किया जा रहा है.
डेनमार्क के प्रधान मंत्री ऐन्डर्स फौग़ रस्मुस्सेन ने इस बात पर दुःख व्यक्त किया है.
उनका कहना है कि इन तस्वीरों से डेनमार्क के लिए कूटनीतिक संकट पैदा हो गया है.
वे कहते हैं कि वे अरब देशों की इस प्रतिक्रिया को समझते हैं लेकिन उनका साथ ही यह भी कहना है कि वे अपने देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को नकार नहीं सकते.
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि इस अख़बार ने डेनमार्क के किसी कानून को नहीं तोड़ा है.
डेनमार्क की सरकार ने इस विवाद पर घटना पर अफ़सोस प्रकट किया हैं लेकिन उन्होंने कहा हैं कि इसके लिए वे औपचारिक तौर पर माफ़ी नहीं माँगेंगे.