सोमवार, 30 जनवरी, 2006 को 17:57 GMT तक के समाचार
ब्रिटेन के एक राजनयिक ने कहा है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर यूरोपीय अधिकारियों और ईरानी प्रतिनिधियों के बीच ब्रसेल्स में सोमवार को हुई बातचीत बिना किसी प्रगति के समाप्त हो गई है.
ब्रिटेन के राजनयिक जॉन सेवर्स ने कहा कि यूरोपीय संघ के तीन देशों ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम मुद्दे पर कोई नई बात नहीं सुनी.
अलबत्ता ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष जावेद वईदी ने बातचीत को सकारात्मक बताते हुए उम्मीद जताई की बातचीत आगे भी जारी रहेगी.
वईदी ने कहा, "जहाँ तक हमारा ताल्लुक है तो बातचीत सकारात्मक रही है."
अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने कहा है कि वह मानती हैं कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय में इस मुद्दे पर सहमति है कि ईरान को परमाणु हथियार या वो तकनीक हासिल करने की इजाज़त नहीं दी जानी चाहिए जिससे परमाणु हथियार बनाए जा सकें.
डॉक्टर कोंडोलीज़ा राइस ईरान के परमाणु कार्यक्रम मुद्दे पर रुख़ जानने के लिए यूरोपीय संघ, रूस और चीन के प्रतिनिधियों से सोमवार रात को मुलाक़ात करने वाली हैं.
संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था आईएईए ईरान के परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे पर गुरूवार को विएना में बैठक करेगी और संभावना ये है कि इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को भेजने के बारे में कुछ फ़ैसला हो सकता है.
इसका मतलब होगा कि सुरक्षा परिषद ईरान के ख़िलाफ़ प्रतिबंधों पर विचार कर सकती है.
ब्रिटेन, फ़्रांस और जर्मनी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करने का अनुरोध ईरान ने स्वंय किया था.
ब्रिटेन, फ़्रांस और जर्मनी के विदेश मंत्रियों ने ईरान के मुद्दे पर लंदन में अमरीका, चीन और रूस के विदेश मंत्रियों से भी अलग से बात की.
यूरोपीय संघ और अमरीका ईरान का मामला सुरक्षा परिषद भेजने के पक्ष में है. उन्हें शक है कि ईरान परमाणु हथियार बनाना चाहता है.
लेकिन रूस और चीन का तर्क है कि ईरान को और समय दिया जाना चाहिए. हालांकि दोनों ही देशों ने आईएईए द्वारा ईरान का मामला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद भेजे जाने की आशंका से इनकार नहीं किया है.
'नरम रुख़'
बीबीसी संवाददाता के मुताबिक़ ईरानी अधिकारियों ने पहले कहा था कि अगर ईरान पर प्रतिबंध लगते हैं तो इससे ईरान के बजाय पश्चिमी देशों को ज़्यादा नुकसान पहुँचेगा.
लेकिन संवाददाता का कहना है कि अब संकेत मिल रहे हैं कि ईरान समझौते के लिए तैयार हो सकता है.
ईरानी अधिकारियों ने रूस के उस प्रस्ताव पर नरम रुख़ अपनाया है जिसमें रूस ने कहा था कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम के लिए यूरेनियम संवर्द्धन का काम रुस में हो.
ब्रिटेन के विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ ने शनिवार को अपने बयान में कहा था कि इस पूरे विवाद को सुलझाने में ये ध्यान रखा जाए कि ईरान का राष्ट्रीय सम्मान बना रहे.
वे बार बार कहते आए हैं कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर विवाद का मसला सैनिक नहीं बल्कि कूटनीतिक तरीके से सुलझाया जाना चाहिए.
ईरान के परमाणु कार्यक्रम के अलावा ब्रसेल्स में एक और अहम बैठक हो रही है. इसमें फ़लस्तीनी चुनाव में चरमपंथी गुट हमास की जीत के बाद पैदा हुई स्थिति पर विचार किया जाएगा.