सोमवार, 30 जनवरी, 2006 को 22:02 GMT तक के समाचार
संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने कहा है कि फ़लस्तीनी प्रशासन को भविष्य में दी जानेवाली सहायता नई फ़लस्तीनी सरकार की नीतियों पर निर्भर करेगी.
उनका कहना था कि यह सरकार की अहिंसा के प्रति नीति, इसराइल को मान्यता देने और पुराने समझौतों को मान्यता देने पर निर्भर करेगी.
साथ ही उन्होंने फ़लस्तीन इलाक़ों में यहूदी बस्ती के विस्तार और पश्चिमी तट पर इसराइल के जाँच चौकियाँ स्थापित करने पर भी चिंता जताई.
अन्नान ने मध्यस्थता कर रहे संयुक्त राष्ट्र, अमरीका, यूरोपीय संघ और रूस की लंदन में बैठक के बात ये बातें कहीं.
यह बैठक पिछले सप्ताह चरमपंथी गुट हमास के फ़लस्तीनी चुनाव जीतने की समीक्षा करने और उस पर कैसी प्रतिक्रिया व्यक्त की जाए, इस पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी.
इसके पहले ब्रसेल्स में यूरोपीय विदेश मंत्रियों ने घोषणा की थी कि यूरोपीय संघ फिलहाल आर्थिक मदद जारी रखेगा.
यूरोपीय संघ फ़लस्तीनी प्रशासन को सबसे अधिक सहायता प्रदान करता है. पिछले वर्ष यूरोपीय संघ ने फ़लस्तीनियों को 60 करोड़ डॉलर का अनुदान दिया था.
दूसरी ओर शीर्ष फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास ने वादा किया है कि वे इसराइल के साथ हुए शांति समझौतों पर क़ायम रहेंगे.
उन्होंने आर्थिक सहायता देने वाले देशों से अनुरोध किया है कि वे फ़लस्तीनी चुनावों में हमास की जीत के बावजूद फ़लस्तीनी क्षेत्र को मदद देना जारी रखें.
यूरोपीय संघ और अमरीका ने कहा है कि अगर हमास हिंसा का रास्ता नहीं छोड़ता तो फ़लस्तीनी क्षेत्र को मिलने वाली आर्थिक सहायता बंद कर दी जाएगी.