रविवार, 29 जनवरी, 2006 को 15:38 GMT तक के समाचार
इसराइल के कार्यकारी प्रधानमंत्री एहुद ओलमर्त ने कहा है कि वो तब तक हमास से कोई संपर्क नहीं रखेंगे जब तक हमास आतंक को नहीं त्यागता और ये नहीं मानता कि इसराइल को अपना अस्तित्व बचाने का अधिकार है.
फ़लस्तीनी चुनावों में हमास को मिली ज़बरदस्त सफलता के बाद आज इसराइली मंत्रिमंडल की बैठक में ओलमर्त ने एक बार फिर से कड़े रुख़ का इज़हार किया.
हमास को चरमपंथी इस्लामी संगठन माना जाता है जिसने कई बार कहा है कि इसराइल का विघटन उसका ध्येय है.
कार्यकारी प्रधानमंत्री ओलमर्त ने अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों को बताया कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय नेताओं से अपने इस संकल्प के बारे में बात कर ली है और वे सभी सहमत हैं.
इसराइली सरकार का कहना है कि हमास के बारे में उसका रवैया यूरोपीय संघ और अमरीका जैसा ही है.
पश्चिमी नज़रिया
यूरोपीय संघ और अमरीका ने हमास को आतंकवादी संगठन क़रार दिया है.
इसराइल में जल्द ही चुनाव होने वाले हैं और ऐसी स्थिति में अब इस बात की संभावना कम ही है कि इसराइली सरकार हमास के प्रति अपने रुख़ में नर्मी लाएगी.
येरुशलम से बीबीसी संवाददाता जॉन लाइन का कहना है कि इस तनाव के बावजूद इसराइल फ़लस्तीनी प्रशासन को बिखरने नहीं देना चाहता.
उनके मुताबिक़ ऐसा करना कोई मुश्किल काम नहीं है.
अगर आर्थिक मदद बंद कर दी जाए और कर से होने वाली आय को रोक दिया जाए तो फ़लस्तीनी प्रसाशन असफल हो जाएगा.