शनिवार, 28 जनवरी, 2006 को 17:27 GMT तक के समाचार
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर जारी गतिरोध को दूर करने के लिए रूस ने सुझाव दिया था कि ईरान उसकी ज़मीन पर परमाणु ऊर्जा तैयार करे और अपना कार्यक्रम बंद कर दे.
ईरान इस सुझाव पर विचार कर रहा है और इसमें किसी फ़ैसले तक पहुंचने के प्रयास में ईरान और रूस और भी देशों को शामिल करने पर सहमत हो गए हैं.
कौन से देश इसमें शामिल हो सकते हैं इसकी जानकारी ईरान ने तो नहीं दी है लेकिन रूस के साथ बातचीत के बाद ईरान के परमाणु वार्ताकार ने चीन से बातचीत की है.
रूसी प्रस्ताव यह है कि ईरान रूस के साथ मिलकर कच्चे यूरेनियम से यूरेनियम ईंधन बनाने का काम रूसी धरती पर करे न कि अपने परमाणु संयंत्रों में.
पश्चिमी देश नहीं चाहते कि ईरान यह काम अपनी धरती पर करे क्योंकि उन्हें आशंका है कि ईरान इस तकनीक का इस्तेमाल करके परमाणु हथियार भी बना सकता है.
ईरान के विदेश मंत्री मोनाशेर मुतक्क़ी ने कहा है कि इस प्रस्ताव पर रूस के साथ बातचीत अगले महीने जारी रहेगी लेकिन यह परियोजना किस जगह लगाई जाए इस पर अभी कोई सहमति नहीं हुई है.
ईरानी विदेश मंत्री ने कहा है कि उसके परमाणु कार्यक्रम मुद्दे पर यूरोपीय संघ के साथ बातचीत के लिए और समय दिया जाना चाहिए और ज़रूरत पड़े तो यह वार्ताएं मार्च तक भी चलनी चाहिए.
ईरान के आलोचक यह कह सकते हैं कि ईरान सिर्फ़ मामले को टालने की कोशिश कर रहा है क्योंकि इसी सप्ताह अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की आपात बैठक हो रही है जिसमें अगर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में सहमति बन जाए तो ईरान परमाणु कार्यक्रम का मामला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को सौंपा जा सकता है.
लेकिन अगर ईरान रूसी बातचीत की प्रक्रिया में चीन को शामिल करने, और यूरोप के साथ बात करने के लिए राज़ी कर लेता है तो ईरान को और समय मिल सकता.