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गुरुवार, 26 जनवरी, 2006 को 19:42 GMT तक के समाचार

ब्रिटेन और सैनिक भेजेगा

ब्रिटेन ने अफ़ग़ानिस्तान में अतिरिक्त 3300 सैनिक भेजने का फ़ैसला किया है. ब्रिटेन को अफ़ग़ानिस्तान में उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नैटो) सुरक्षा बलों की कमान संभालनी है.

पहली बार अफ़ग़ानिस्तान में ऐसे ब्रितानी हेलिकॉप्टर भेजे जा रहे हैं, जिनसे गोलीबारी भी की जा सकती है.

नैटो सेना को अब दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान का भी कमान संभाला है जो पहले अमरीकी सैनिकों के नियंत्रण में था.

पिछले साल सितंबर से दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान विद्रोहियों ने कई आत्मघाती हमले किए हैं.

अफ़ग़ानिस्तान में अतिरिक्त सैनिक भेजने की घोषणा करते हुए ब्रितानी रक्षा मंत्री जॉन रीड ने कहा है कि सैनिकों को वहाँ ख़तरे का सामना तो करना पड़ेगा.

लेकिन यह ख़तरा अफ़ग़ानिस्तान को दोबारा तालेबान और अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के हाथ में आ जाने के ख़तरे की तुलना में नगण्य है.

हिंसा

2001 में अफ़ग़ानिस्तान से तालेबान शासन के हटने के बाद से पिछला साल सबसे ज़्यादा हिंसक रहा. क़रीब 1500 लोग मारे गए, जिनमें से ज़्यादातर अफ़ग़ानी थे.

पिछले साल हुई हिंसा की घटनाओं में सबसे ज़्यादा घटनाएँ दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में हुईं. हाल के दिनों में विदेशी सैनिकों पर भी हमले बढ़े हैं.

कुछ विशेषज्ञों का ये कहना था कि ये नैटो सैनिकों को दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में आने से रोकने की कोशिश थी. लेकिन विदेशी सैनिकों के साथ-साथ अफ़ग़ान सैनिकों और पुलिस अधिकारियों पर भी हमले बढ़े हैं.

इन बढ़ते हमलों के कारण ही पिछले दिनों नैटो में अमरीकी राजदूत ने चेतावनी दी थी कि ब्रिटेन की अगुआई वाली नैटो सेना को दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान और अल क़ायदा की बढ़ती गतिविधियों से निपटना पड़ेगा.

नैटो में अमरीकी राजदूत विक्टोरिया नूलैंड ने कहा था कि नैटो को दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में विद्रोहियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई के लिए तैयार रहना चाहिए और इसके लिए मज़बूत लड़ाकू सैनिकों की ज़रूरत होगी.