मंगलवार, 24 जनवरी, 2006 को 02:42 GMT तक के समाचार
कुवैत के बीमार अमीर शेख़ साद-अल-अब्दुल्ला राजपरिवार के सदस्यों से बातचीत के बाद राजपद छोड़ने को तैयार हो गए हैं.
उनके इस फैसले के बाद अब प्रधानमंत्री शेख़ सबा अल अहमद अल सबा देश के अमीर बनाए जाएँगे.
शेख़ साद-अल-अब्दुल्ला को अभी हफ्ते भर पहले ही अमीर बनाया गया था लेकिन ख़राब स्वास्थ्य के कारण वे देश का शीर्ष पद छोड़ रहे हैं.
शेख़ साद ने यह निर्णय संसद में अप्रत्याशित रूप से अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने के ठीक पहले किया है.
उनके इस निर्णय के बाद माना जा रहा है कि राजपरिवार में जारी टकराव और संवैधानिक संकट टल गया है.
सांसद नसीर अल सान ने बताया है कि मंगलवार के दिन अमीर अब्दुल्ला पद का अधिकार छोड़ने संबंधी दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करेंगे.
कुवैत के संविधान के मुताबिक़ बीमार अमीर को पद से हटाने के लिए संसद में दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है, अगर कुवैती संसद ने अमीर अब्दुल्ला को पद से हटाया होता यह कुवैत के इतिहास में पहली बार हुआ होता.
शांतिपूर्ण हल
बीबीसी की खाड़ी संवाददाता जूलिया व्हीलर का कहना है कि देश के अब तक के सबसे बड़े संवैधानिक संकट का अंत होने पर देश की जनता ने राहत की साँस ली है.
लेकिन उनका कहना है कि राजपरिवार की दरार इस विवाद में उभरकर सामने आई है और आने वाले दिनों में उसकी झलक मिल सकती है.
वर्षों से बीमार चल रहे शेख़ साद को 15 जनवरी को अमीर बनाया गया था क्योंकि शेख़ जबर अल अहमद अल सबा की मौत हो गई थी.
शेख़ जबर भी कई वर्षों तक बीमार रहे थे और देश का कामकाज शेख़ सबा प्रधानमंत्री के रूप में चलाते रहे थे, शेख़ सबा पिछले शेख़ के सतौले भाई हैं.
कुवैत में इस बदलाव को काफ़ी गंभीरता से लिया जा रहा है क्योंकि खाड़ी के इस छोटे से देश के पास विश्व तेल भंडार का दस प्रतिशत हिस्सा है और वह अमरीका का निकट सहयोगी है.