मंगलवार, 24 जनवरी, 2006 को 12:48 GMT तक के समाचार
इराक़ के अपदस्थ राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन के मुक़दमे की सुनवाई मंगलवार को होनी थी जिसे रविवार तक के लिए टाल दिया गया है.
न्यायालय के एक बयान में कहा गया है कि बहुत से गवाह अदालत में नहीं पहुँच सके क्योंकि उनमें से कुछ या तो देश के बाहर हैं या एक धार्मिक समारोह में हिस्सा ले रहे हैं.
यह सुनवाई नए मुख्य जज रऊफ़ राशिद अब्दुल रहमान की अध्यक्षता में शुरू होने वाली थी.
रहमान कुर्द हैं और हलाब्जा के रहने वाले हैं जहाँ सद्दाम हुसैन की सेना ने जानलेवा रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया था.
1988 में हुए इस रासायनिक हमले में लगभग पाँच हज़ार कुर्द नागरिक मारे गए थे लेकिन मौजूदा मुक़दमे का हलाब्जा की घटना से कोई संबंध नहीं है.
वे पिछले जज रिज़गार अमीन की जगह ले रहे हैं जिन्होंने सरकारी हस्तक्षेप की शिकायत करते हुए अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. रिज़गार भी रहमान की तरह एक कुर्द हैं.
सद्दाम हुसैन के ख़िलाफ़ दुजैल गाँव में 148 लोगों की हत्या का आदेश देने का मुक़दमा चल रहा है लेकिन उन्होंने इन आरोपों को ग़लत बताया है.
अगर सद्दाम हुसैन को दोषी पाया गया तो उन्हें मौत की सज़ा दी जा सकती है.
बताया गया है कि अब्दुल रहमान की नियुक्ति अल्पकालिक समाधान है क्योंकि पिछले जज रिज़गार अमीन को वापस बुलाने की कोशिश जारी है.
इराक़ी समाचार माध्यमों ने रिज़गार की यह कहते हुए आलोचना की थी कि वे सद्दाम हुसैन को 'ज़रूरत से अधिक छूट' दे रहे हैं.