रविवार, 22 जनवरी, 2006 को 22:05 GMT तक के समाचार
क्या आप विश्व की सबसे छोटी फ़ौज के बारे में जानते हैं?
विश्व की यह सबसे छोटी फौज है 'वैटिकन स्विस गार्ड' जिसमें 110 सैनिक हैं और जो रविवार को 500 वर्ष की हो गई है.
कुछ शताब्दियाँ पहले तक, यूरोपीय राजाओं और महाराजाओं की तरह कैथोलिक ईसाई धर्मगुरु या पोप इसी सेना को अपनी रक्षा के लिए रखते थे.
इस सेना ने लगातार 42 कैथोलिक धर्मगुरुओं की रक्षा की है. चाहे हाल के वर्षों में इतालवी सेना पोप की रक्षा करती है लेकिन उनकी निजी सुरक्षा यही 'वैटिकन स्विस गार्ड' करते हैं.
पोप को बचाया
ये सैनिक रोम में सबसे पहले वर्ष 1506 में आए थे और स्विट्ज़रलैंड की ऐल्प्स पर्वतीय श्रंखला के इलाक़े के यह सैनिक धैर्य के प्रतीक हुआ करते थे.
वर्ष 1527 में इन्होंने पोप क्लिमेंट सप्तम को रोमन सम्राट चार्ल्स पंचम के सैनिकों से बचाया था जब उस समय तैनात 189 सैनिकों में से 42 को छोड़ सभी पोप को बचाते हुए मारे गए थे.
अपनी स्थापना के 500 वर्ष पूरे होने पर रविवार को आयोजित एक समारोह में लाल, नीली और पीली वेशभूषा वाली इस फौज ने सिस्टीन चैपल की प्रार्थना सभा में भाग लिया.
इसके बाद वे परेड पर गए जहाँ उन्हें पोप के आशीर्वाद मिला.
ये फ़ौज केवल वैटिकन के मुख्य द्वारों की ही निगरानी नहीं करती, बल्कि उन समारोहों में भी भाग लेती हैं जिनमें पोप शामिल होते हैं.
दिलचस्प है कि ये सैनिक आज भी अपनी ट्रेनिंग के दौरान पुराने ज़माने में प्रयोग किए जाने वाले हथियारों का इस्तेमाल करते हैं लेकिन वे आधुनिक हथियारों से भी लैस होते हैं. वे बिना हथियारों के भी लड़ सकते हैं.
इस 500वीं वर्षगाँठ का जश्न मई के महीने तक चलेगा जब कई भूतपूर्व सैनिक स्विट्ज़रलैंड से रोम तक, सेन्ट पीटर्स स्क्वैयर में हो रही परेड में शामिल होंगे जहाँ पोप ख़ुद अपनी फौज के लिए प्रार्थना सभा करेंगे.