रविवार, 22 जनवरी, 2006 को 02:18 GMT तक के समाचार
रूस में पड़ रही भीषण सर्दी की लहर अब पश्चिम दिशा में बढ़ रही है जिसकी वजह से यूक्रेन, बेलारूस और लातविया जैसे देशों में हालत ख़राब हो रही है.
इन देशों के अधिकारियों ने बढ़ती सर्दी और घरों को गर्म रखने के लिए ईंधन की कमी पर चिंता प्रकट की है.
रूस में वाहन चालकों को डीज़ल बचाने की सलाह दी गई है ताकि घरों को गर्म रखने के लिए ईंधन की कमी न हो.
रूस में भारी सर्दी की वजह से 70 लोग मारे जा चुके हैं और कई इलाक़ों में तापमान शून्य से 33 डिग्री सेल्सियस तक नीचे गिरा है.
पिछली ही रात मॉस्को और आसपास के इलाक़ों में ठंड की वजह से पाँच लोगों ने दम तोड़ दिया.
मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सर्दी का यह दौर अगले कई दिनों तक जारी रहेगा और कई स्थानों पर ठंड और बढ़ सकती है.
ठंड की वजह से यूक्रेन में अब तक 10 लोगों की मौत की ख़बर है, देश में खनन का काम रोक दिया गया है क्योंकि खानों में तापमान गिर गया है.
यूक्रेन की नेशनल ग्रिड बिजली की पर्याप्त आपूर्ति नहीं कर पा रही है और अनेक शहरों में बिजली गुल होने के समाचार मिल रहे हैं.
लातविया में तापमान शून्य से 27 डिग्री तक नीचे रिकॉर्ड किया गया जो पिछले 100 वर्षों में न्यूनतम है, वहाँ सर्दी से कम से कम छह लोगों की जान जा चुकी है.
नॉर्वे में ट्रॉम्सो शहर में 20 हज़ार लोग बिना बिजली के किसी तरह गुज़ारा कर रहे हैं क्योंकि भारी बर्फ़बारी के कारण बिजली के तार टूट गए हैं.
ठंड से प्रभावित कई देशों में स्कूल, कॉलेज और दफ़्तर बंद हो गए हैं, कारें जाम हो गई हैं और सड़कों पर कई-कई फुट बर्फ़ जमी है.