शुक्रवार, 20 जनवरी, 2006 को 09:38 GMT तक के समाचार
जापान के प्रधानमंत्री जूनीचीरो कोईज़ूमी ने एक ऐसा विधेयक संसद में पेश करने का वादा किया है जिसमें महिलाओं को राज सिंहासन पर बैठने की इजाज़त होगी.
शुक्रवार को जापानी संसद की वार्षिक बैठक को संबोधित करते हुए कोईज़ूमी ने यह भी कहा कि वह जापान के संविधान में बदलाव करने के लिए एक जनमतसंग्रह कराने पर बहस कराना चाहते हैं.
प्रधानमंत्री के रूप में कोईज़ूमी का चार साल का कार्यकाल सितंबर 2006 में समाप्त होना है. वह सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के मुखिया रहे हैं.
टोकियो में मौजूद बीबीसी संवाददाता जोनाथन हैड का कहना है कि प्रधानमंत्री के रूप में कोईज़ूमी का यह आख़िरी संसदीय सत्र होगा और उन्होंने इस मौक़े पर अपना राजनीतिक एजेंडा पेश किया है.
लेकिन उन्होंने जो भी प्रस्ताव रखे हैं उनमें सबसे अहम ये ही है जिसमें महिलाओं को भी राज सिंहासन तक पहुँचने की इजाज़त दी जाएगी.
कोईज़ूमी ने सांसदों को बताया कि 1947 के उस क़ानून में बदलाव किया जाना ज़रूरी है जो राज परिवार के उत्तराधिकार को निर्धारित करता है, इससे राजतंत्र का भविष्य स्थिर हो सकेगा.
कोई पुरुष नहीं
जापान के राज परिवार में 1965 के बाद से किसी पुरुष का जन्म नहीं हुआ है और राज प्रासाद में अधिकारियों का यह दबाव है कि राज परिवार में कोई पुरुष ज़रूर होना चाहिए.
इस दबाव की वजह से राजकुमारी मसाको को दो साल पहले मानसिक दौरा पड़ा था. उनकी और राजकुमार नारूहीतो की एक लड़की है आइको.
अगर नया क़ानून पास हो जाता है तो आइको देश के सिंहासन पर बैठने योग्य हो जाएंगी और 18वीं सदी के बाद इस गद्दी पर बैठने वाली वह देश की पहली महिला होंगी.
जनमत सर्वेक्षणों में कहा गया है कि ज़्यादातर जापानी इस परिवर्तन का समर्थन करते हैं, हालाँकि कुछ परंपरावादियों ने इसके ख़िलाफ़ भी राय ज़ाहिर की है.
अभी यह स्पष्ट नहीं है कि संसद इस विधेयक पर कब मतदान कर सकेगी.
संसद दूसरे विश्व युद्ध के बाद लागू किए गए संविधान को बदलने पर भी बहस करेगी. इस संविधान में देश की सीमाओं से बाहर सैनिक कार्रवाइयों में जापान के शामिल होने पर पाबंदी लगाई हुई है.
ये प्रस्तावित परिवर्तन मंज़ूरी के लिए आम लोगों के सामने रखे जाएंगे.