शुक्रवार, 20 जनवरी, 2006 को 12:45 GMT तक के समाचार
इराक़ में गत 15 दिसंबर को हुए संसदीय चुनाव में शिया पार्टियों का गठबंधन 275 में से 128 सीटें हासिल कर पहले नंबर पर रहा है.
कुर्द पार्टियों के गठबंधन को 53 सीटें और दो सुन्नी पार्टियों को 55 सीटें मिली हैं.
लेकिन पाँच सप्ताह पहले हुए चुनाव में किसी भी पार्टी या गठबंधन को बहुमत नहीं मिल सका है.
शिया गुट अभी भी बहुमत से 10 सीट पीछे है और अब उसे सरकार बनाने के लिए अन्य दलों का सहारा लेना पड़ सकता है.
समझा जा रहा है कि अब शिया गुट कुछ और गुटों के साथ मिलकर साझा सरकार बनाएँगे.
वैसे यह पहले से ही तय माना जा रहा है कि शिया मुस्लिम पार्टियाँ सबसे बड़े गठबंधन के रूप में सामने आएँगी.
इस समय अंतरिम सरकार में भी शिया गठबंधन को ही बहुमत प्राप्त है.
विरोध
इराक़ के चुनाव परिणामों को अंतिम स्वीकृति देने में और दो दिन लगेंगे और सुन्नी गुट नतीजों के विरोध में अपील दायर कर सकते हैं.
कई सुन्नी नेताओं ने चुनाव में धोखाधड़ी का आरोप लगाया है.
अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने भी एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें अनियमितताओं की आलोचना की गई है.
लेकिन उन्होंने इस पर कोई आख़िरी फ़ैसला नहीं किया है कि क्या चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष हुए थे या नहीं.
अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने चुनाव में हिस्सा लेने के लिए इराक़ी जनता की प्रशंसा की थी.
इराक़ में गठबंधन प्रशासन के पूर्व प्रमुख पॉल ब्रेमर ने भी कहा है कि हो सकता है कि कुछ अनियमितता रही हो लेकिन इससे चुनाव के पूरे नतीजे पर कोई असर नहीं पड़ेगा.