ब्रिटेन में विवादित नए आतंकवाद विरोधी विधेयक को हाउस ऑफ़ लार्ड्स में एक बार फिर हार का सामना करना पड़ा है.
इस विधेयक में 'आतंकवाद को महिमामंडित' करने को अपराध की श्रेणी में रखने वाली योजना को हाउस ऑफ़ लार्ड्स ने ठुकरा दिया.
इस विधेयक की हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स में यह दूसरी हार है. इससे पहले पिछले साल नवंबर में सांसदों ने उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था जिसमें कहा गया था कि पुलिस 'संदिग्ध आतंकवादियों' को बिना किसी आरोप के 90 से 28 दिनों तक हिरासत में रख सकती है.
इसके बाद अब हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स ने इस विधेयक में 'आतंकवाद को महिमामंडित' करने को अपराध की श्रेणी में रखने पर आपत्ति जताई है.
सांसदों का कहना है कि यह प्रस्ताव ठीक नहीं है और इससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर असर पड़ सकता है. हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स ने कहा कि यह प्रस्ताव आतंकवाद के ख़तरे के प्रति असंगत लगता है.
सरकार को इस विधेयक की उस योजना पर भी हार का सामना करना पड़ा, जिसमें 'आतंकवाद से संबंधित प्रकाशन' के प्रसार पर रोक लगाने की बात कही गई थी.
इस प्रस्ताव पर सांसदों का मानना था कि इससे पठन-पाठन करने वालों, लाइब्रेरियन और किताब की दुकान के मालिकों पर भी मुक़दमा चल सकता है.
इस बीच गृह मंत्रालय ने कहा है कि आतंकवाद को महिमामंडित करने पर पाबंदी लगाने की बात लेबर पार्टी ने अपने घोषणापत्र में भी कही थी और वह हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स के फ़ैसले को हाउस ऑफ़ कॉमन्स में पलटने की कोशिश करेगा.
मंत्रालय का कहना है कि समाज में कई युवा और संवेदनशील लोग हैं, जो घृणा के संदेश के बहकावे में आ जाते हैं.