अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने संयुक्त राष्ट्र से अनुरोध किया है कि वह ईरान के परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे पर उसका सामना करे.
कोंडोलीज़ा राइस ने वाशिंगटन में पत्रकारों से बातचीत में ईरान के परमाणु मुद्दे पर यूरोपीय संघ के कुछ देशों के रुख़ का समर्थन करते हुए कहा, "ईरान सरकार के ताज़ा क़दमों से बातचीत के आधार समाप्त हो गया है."
राइस ने कहा कि ईरान सरकार ने जानबूझकर तनाव बढ़ाया है और "उसने तमाम अंतरराष्ट्रीय समुदाय की बात की ख़तरनाक हद तक अनदेखी की है."
कोंडोलीज़ा राइस ने ईरान के ख़िलाफ़ कई कूटनीतिक कार्रवाइयों संभावना व्यक्त की लेकिन कहा कि इस समय ईरान के ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई अमरीकी एजेंडे में नहीं है.
इससे पहले परमाणु ईंधन पर दोबारा काम शुरु करने के ईरान के फ़ैसले पर ब्रिटेन, फ़्रांस और जर्मनी ने कहा कि अब समय आ गया है कि ईरान के परमाणु मुद्दे से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद निपटे.
हालाँकि ईरान ने कहा है कि वह अब भी अपने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत के लिए तैयार है और उसने यूरोपीय संघ से अनुरोध किया है कि वह यह मामला सुरक्षा परिषद को नहीं भेजे.
रूस ने ईरान का परमाणु कार्यक्रम मुद्दा सुरक्षा परिषद में भेजे जाने से इनकार तो नहीं किया लेकिन यह ज़रूर कहा कि अभी सारे कूटनीतिक उपाय नहीं किए गए हैं.
ईरान ने यूरोपीय संघ के साथ समझौता किया था कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम पर काम शुरु नहीं करेगा.
उधर ईरान का कहना है कि उसने मंगलवार को नाटांज़ परमाणु प्रयोगशाला पर लगी संयुक्त राष्ट्र की 'सील' को परमाणु हथियार बनाने के लिए नहीं तोड़ा बल्कि इसलिए तोड़ा कि वह बिजली बनाना चाहता है.