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गुरुवार, 12 जनवरी, 2006 को 07:50 GMT तक के समाचार

ईरान मुद्दे पर यूरोपीय देशों की बैठक

परमाणु ईंधन पर दोबारा काम शुरु करने के ईरान के फ़ैसले पर ब्रिटेन, फ़्रांस और जर्मनी की बर्लिन में गुरुवार को बैठक हो रही है.

इससे पहले ईरान ने यूरोपीय संघ के साथ समझौता किया था कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम पर काम शुरु नहीं करेगा.

उधर ईरान का कहना है कि उसने मंगलवार को नाटांज़ परमाणु प्रयोगशाला पर लगी संयुक्त राष्ट्र की 'सील' को परमाणु हथियार बनाने के लिए नहीं तोड़ा बल्कि इसलिए तोड़ा कि वह बिजली बनाना चाहता है.

आईएईए की बैठक

संयुक्त राष्ट्र में राजनयिकों का मानना है कि यूरोपीय संघ के मंत्री अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की आपात बैठक बुलाए जाने की माँग कर सकते हैं.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इन तीनो यूरोपीय देशों के मंत्री ईरान के ख़िलाफ़ सैनिक कार्रवाई के हक़ में तो नहीं हैं लेकिन वे इस मुद्दे पर ईरान को कड़ा संदेश देना चाहते हैं और अलग-थलग करना चाहते हैं.

बीबीसी संवाददाता के अनुसार यूरोपीय देश ये संदेश देना चाहेंगे कि यदि ईरान परमाणु गतिविधियाँ दोबारा शुरु करता है और जारी रखता है तो पूरा मामला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पहुँच सकता है और संभवत: ईरान पर प्रतिबंध लग सकते हैं.

बर्लिन की इस बैठक में आकलन किया जाएगा कि रूस, चीन, दक्षिण अफ़्रीका और भारत जैसे देश दबाव बढ़ाने में कितनी दूर तक जाने को तैयार होंगे.

जहाँ ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर कह चुके हैं कि बर्लिन में आगे की रणनीति तय होगी लेकिन संभव है कि ये मामला संयुक्त राष्ट्र में ले जाने पर कोई फ़ैसला हो.

उधर अमरीकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का कहना है कि इस मामले को संयुक्त राष्ट्र में ले जाने की संभावना काफ़ी बढ़ गई है.

लेकिन ईरानी राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने इन सब धमकियों को ख़ारिज करते हुए कहा है कि पश्चिमी देशों के शोर के बावजूद शोध जारी रहेगा.