गुरुवार, 12 जनवरी, 2006 को 09:31 GMT तक के समाचार
पोप जॉन पॉल द्वितीय पर 25 साल पहले हमला करने वाले तुर्की के नागरिक को जेल से रिहा कर दिया गया है.
दक्षिणपंथी माने जाने वाले तुर्की के नागरिक महमत अली अगका ने वर्ष 1981 में रोम के सेंट पीटर्स स्कवेयर के पास पोप पर गोलियाँ चलाई थीं. उनके पेट में गोली लगने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे.
उन्होंने 19 साल इटली की जेलों में गुज़ारे और वर्ष 2000 में उन्हें वापस तुर्की भेज दिया गया. वहाँ पहुँचने पर उन्हें एक वामपंथी पत्रकार की हत्या और दो बैंक डकैतियों के मामलों में जेल की सज़ा हुई जो अब पूरी हो गई है.
महत्वपूर्ण है कि पोप जॉन पॉल पर गोली चलाने के दो साल बाद पोप उन्हें जेल में मिले और उन्होंने सार्वजनिक तौर पर उन्हें माफ़ कर दिया.
चाहे महमत अली का कहना था कि पोप पर गोली चलाने के मामले में किसी और का संबंध नहीं था लेकिन ये शंका जताई गई थी कि पूर्व कम्युनिस्ट देशों का इस मामले में हाथ था.
जेल से रिहा होने के बाद महमत अली के वकील ने कहा, "वे सब की ओर शांति और दोस्ती का हाथ बढ़ाना चाहते हैं और लोकतंत्र और सभ्यता के लिए संघर्ष करना चाहते हैं."
उन्होंने ये भी कहा है कि वे रोम जाकर पोप जॉन पॉल की मृत्यु के बाद पोप बने बेनेडिक्ट 16वें से मिलना चाहते हैं.
तुर्की के समाज में महमत अली की रिहाई पर काफ़ी मतभेद सामने आए हैं. महमत अली ने जिस पत्रकार की हत्या की थी, उनकी बेटी का कहना था, "वे केवल मेरे पिता के हत्यारे नहीं, बल्कि मैं तो उन्हें क़ौम का हत्यारा मानती हूँ."
उधर तुर्की के ही एक अन्य व्यक्ति का कहना था कि महमत अली उन सब लोगों के लिए आदर्श हैं जो तुर्की से प्रेम करते हैं.