बुधवार, 11 जनवरी, 2006 को 11:55 GMT तक के समाचार
संयुक्त राष्ट्र की एक संस्था ने कहा है कि तुर्की में बर्ड फ़्लू बीमारी एक महामारी का रूप ले सकती है जिससे उसके पड़ोसियों को ख़तरा हो सकता है.
खाद्य और कृषि संगठन के एक अधिकारी ने कहा है कि नियंत्रण के तमाम उपायों के बावजूद ये बीमारी शायद फ़ैलती जा रही है.
वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि तुर्की में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दो चीज़ें ज़रूरी हैं - लोगों को समुचित जानकारी देना और दहशत से बचना.
तुर्की में खत़रनाक एच5एन1 वायरस के कारण अभी तक दो लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 13 लोगों में इस बीमारी की पुष्टि की गई है और उनका इलाज चल रहा है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि वैज्ञानिक ये पता लगाने में जुटे हैं कि आख़िर तुर्की में बर्ड फ़्लू क्यों इतनी तेज़ी से फैला और विशेषकर बच्चों को ये बीमारी कैसे हुई.
एशिया में तो बर्ड फ़्लू के कारण 70 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन एशिया के बाहर तुर्की में ही पहली बार किसी इंसान की इस बीमारी से मौत हुई.
चेतावनी
खाद्य और कृषि संगठन ने तुर्की में बर्ड फ़्लू के वायरस को नियंत्रित करने के प्रयास में सहायता के लिए अपनी एक टीम तुर्की भेजी है.
संगठन के स्वास्थ्य अधिकारी युआन लुब्रोथ ने कहा,"तुर्की में अधिक से अधिक लोग और पशु-पक्षी वायरस के संपर्क में आ सकते हैं अगर उन स्थानों को तत्काल अलग नहीं किया गया जहाँ ये वायरस मौजूद हैं".
संगठन ने तुर्की के पड़ोसी देशों - आर्मीनिया, अज़रबैजान, जॉर्जिया, इराक़, ईरान और सीरिया से चौकस रहने के लिए कहा है.
लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस बीमारी की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों पर संतोष जताया है.
यूरोप में संस्था के क्षेत्रीय निदेशक मार्क डैन्ज़न ने कहा,"लोगों को और विशेष रूप से प्रभावित इलाक़ों के लोगों को ये समझना होगा कि ख़तरा बीमार या मृत पक्षियों के संपर्क में आने से है और ये ख़तरा विशेष रूप से बच्चों में अधिक है".
तुर्की में विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख ने कहा है कि ऐसा हो सकता है कि बर्ड फ़्लू के वायरस अब पक्षियों से इंसानों में और आसानी से पहुँच जा रहे हैं.
लेकिन उन्होंने कहा है कि अभी भी इस बात की पुष्टि नहीं की जा सकती कि ये बीमारी इंसानों से इंसानों को हो सकती है.