बुधवार, 04 जनवरी, 2006 को 12:32 GMT तक के समाचार
रूस और यूक्रेन के अधिकारियों के बीच गैस विवाद के मुद्दे पर समझौता हो गया है.
माना जा रहा है कि समझौते के तहत रूस से आने वाली गैस को मध्य एशिया से आने वाली सस्ती गैस के साथ मिलाया जाएगा और यूक्रेन 1000 क्यूबिक मीटर गैस 95 डॉलर में खरीदेगा.
रूस की सरकारी गैस कंपनी गैज़प्रोम के अध्यक्ष ने पत्रकारों को बताया, "समझौता हो गया है, ये ग़ैजप्रोम के लिए अच्छा है और हम इससे संतुष्ट हैं."
उन्होंने कहा कि समझौते के बाद अब यूरोप को सुचारु रूप से गैस सप्लाई हो पाएगी.
ये पूरा समझौता रूस और यूक्रेन के बीच एक साझा उपक्रम पर निर्भर करता है. लेकिन ये स्पष्ट नहीं है कि इस साझा उपक्रम की शक्ल और वित्तीय ढाँचा क्या होगा.
गैस विवाद को सुलझाने के लिए यूक्रेन की गैस कंपनी और ग़ैजप्रोम के बीच बातचीत हुई थी.
विवाद
ये पूरा विवाद तब उठा जब रूस ने यूक्रेन पर यूरोप को भेजे जाने वाली गैस चुराने का आरोप लगाया और यूक्रेन को गैस की क़ीमत चार गुना बढ़ाने की बात कही.
यूक्रेन ने इस आरोप को पूरी तरह ग़लत बताया था. यूक्रेन का कहना था कि रूस ने कीमत में चार गुना तक की वृद्धि की जो माँग रखी है वो स्वीकार्य नहीं है.
इसके बाद रूस ने रविवार को यूक्रेन को गैस देना बंद कर दिया था.
यूक्रेन हर वर्ष 80 अरब घन मीटर गैस का उपभोग करता है जिसमें से 30 प्रतिशत हिस्सा रूस से आता है.
यूक्रेन स्वयं जितनी गैस का उत्पादन करता है उससे उसकी केवल एक चौथाई ज़रूरत पूरी हो सकती है.
रूस और यूक्रेन के बीच उठे गैस विवाद से यूरोप में भी गैस सप्लाई का संकट खड़ा हो गया था.
पश्चिमी यूरोप के कम से कम एक चौथाई देशों को रूस गैस आपूर्ति करता है और इन सभी देशों तक गैस के पाइप यूक्रेन से ही होकर जाते हैं.