मंगलवार, 03 जनवरी, 2006 को 18:16 GMT तक के समाचार
फ़लस्तीनी आम चुनाव के लिए प्रचार अभियान शुरू होने के पहले ही दिन इसराइल ने पूर्वी यरूशलम में दो प्रमुख फ़लस्तीनी राजनेताओं को प्रचार से रोक दिया.
दोनों स्वतंत्र उम्मीदवारों हनान अश्रावी और मुस्तफ़ा बर्गूती से इसराइली पुलिस ने कहा कि इसराइली क़ानून के तहत पूर्वी यरूशलम में किसी फ़लस्तीनी राजनैतिक कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जा सकती.
इसराइल ने अभी तक ये स्पष्ट नहीं किया है कि वह पूर्वी यरूशलम में फ़लस्तीनियों को 25 जनवरी को होनेवाले चुनाव मे वोट डालने देगा या नहीं.
फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास ने कह रखा है कि अगर पूर्वी यरूशलम के फ़लस्तीनी मतदाताओं को वोट नहीं देने दिया गया तो वे चुनाव को टाल देंगे.
इसराइल की सत्ताधारी फ़तह पार्टी ने अपना चुनाव अभियान पार्टी के संस्थापक नेता यासिर अराफ़ात के मक़बरे से शुरू किया.
वहीं फ़तह पार्टी की मुख्य प्रतिद्वंद्वी, फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठन हमास ने अपना चुनाव अभियान गज़ा पट्टी में अपने धार्मिक नेता शेख़ अहमद यासिन के घर से शुरू किया जिनकी हत्या कर दी गई थी.
हमास इस बात पर ज़ोर दे रहा है कि चाहे कुछ हो, चुनाव को नहीं टाला जाना चाहिए.
ग़ौरतलब है कि क़रीब दस साल में पहली बार फ़लस्तीनी प्रशासन के सीधे चुनाव 25 जनवरी को होने हैं और कहा जा रहा है कि फ़तह पार्टी को चरमपंथी संगठन हमास से कड़ी चुनौती मिलेगी.
फ़लस्तीनी प्रशासन में पिछले 10 साल से फ़तह पार्टी की ही सरकार रही है.
कुछ विपक्षी गुटों का कहना है कि फ़तह पार्टी के नेताओं को डर है कि चुनाव में उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहेगा.