सोमवार, 02 जनवरी, 2006 को 11:19 GMT तक के समाचार
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने बिना अदालती अनुमति के सैकड़ों लोगों के फ़ोन और ईमेल पर नज़र रखने के गुप्त निगरानी कार्यक्रम को सही ठहराया है.
देश राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी के ज़रिए आतंकवादी गतिविधियों से संबंधित लोगों पर इस तरह की निगरानी रखने के आदेश दिए गए थे.
राष्ट्रपति बुश ने अमरीका की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस कार्यक्रम को अत्यावश्यक बताया.
पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए राष्ट्रपति बुश ने कहा कि उन्हें अहसास है कि लोगों के नागरिक अधिकारों और गोपनीयता का उल्लंघन हुआ है.
लेकिन साथ ही उन्होंने ये भी कहा, "यदि अल क़ायदा का कोई सदस्य आपको फ़ोन कर रहा है तो हम ये जानना चाहेंगे कि वह ऐसा क्यों कर रहा है."
उनका दावा था कि इस मामले की जानकारी के सार्वजनिक होने से अमरीका को बहुत नुक़सान हुआ है.
जानकारी कैसे मिली?
उधर अमरीका के न्याय मंत्रालय ने जाँच शुरु की है कि अमरीका के इस गुप्त निगरानी कार्यक्रम की जानकारी प्रेस तक कैसे पहुँची.
जाँच मुख्य तौर पर इस बात पर केंद्रित होगी कि न्यूयॉर्क टाइम्स अख़बार को निगरानी कार्यक्रम की जानकारी कैसे मिली.
हाल में न्यूयॉर्क टाइम्स अख़बार में यह छपा था कि अमरीका में राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी बिना वारंट के लोगों पर निगरानी रखती आई है.
न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक़ राष्ट्रपति बुश ने 11 सितंबर 2001 के हमलों के बाद बिना अदालती अनुमति के सैंकड़ो लोगों के फ़ोन और ईमेल पर नज़र रखे जाने के आदेश दिए थे.