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सोमवार, 02 जनवरी, 2006 को 18:10 GMT तक के समाचार

फ़लस्तीनी चुनाव पर संशय की स्थिति

फ़लस्तीनी इलाक़ों में आम चुनाव के लिए अभियान एक दिन बाद शुरू होना है लेकिन अभी ये संदेह है कि इस महीने के अंत में ये चुनाव हो सकेंगे.

गज़ा पट्टी में हिंसा में आई तेज़ी के बीच सत्तारूढ़ फ़लस्तीनी पार्टी फ़तह पार्टी के नेताओं ने कहा है कि स्थिति इतनी अस्थिर है कि इसमें मतदान कराना मुश्किल होगा.

फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास चुनाव टालने की माँग को मानने से बच रहे थे लेकिन अब उन्होंने कहा है कि सभी फ़लस्तीनी गुट इसराइल की धमकी को देखते हुए चुनाव टालने पर सहमत हो गए हैं.

उन्होंने कहा कि सभी गुट इस बात पर राज़ी हैं कि अगर इसराइल पूर्वी यरूशलम में फ़लस्तीनियों को मत नहीं डालने देता तो ऐसे में मतदान मुश्किल होगा.

लेकिन फ़लस्तीनी चरमपंथी गुट हमास ने ऐसी किसी सहमति से इनकार किया है.

इसराइल ने पूर्वी यरूशलम में एक हमास उम्मीदवार के चुनाव में उतरने के बाद ऐसी धमकी दी थी. हालाँकि अब उसने कहा है कि वह इस बारे में पुनर्विचार कर रहा है.

चुनाव टालने की माँग

इससे पहले महमूद अब्बास ने अपनी ही पार्टी के उस अनुरोध को नामंज़ूर कर दिया है जिसमें जनवरी के अंत में होने वाले चुनाव स्थगित करने की माँग की गई थी.

सत्ताधारी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की रविवार देर रात एक बैठक हुई जिसमें मतदान से पहले ग़ज़ा पट्टी और पश्चिमी तट की ताज़ा स्थिति पर विचार किया गया.

महमूद अब्बास ने इस बैठक के बाद ही चुनाव स्थगित करने के अनुरोध को ठुकराने वाला बयान दिया.

बैठक में माँग की गई थी कि फ़लस्तीनी क्षेत्रों में जब तक सुरक्षा हालात ठीक नहीं हो जाते और इसराइल पूर्वी येरुशलम में रहने वाले फ़लस्तीनियों को मतदान की इजाज़त नहीं देता तब तक के लिए चुनाव स्थगित कर देने चाहिए.

उधर ग़ज़ा पट्टी में अशांति जारी है और वहाँ पुलिसकर्मियों ने कुछ देर के लिए रफ़ा में कई सरकारी इमारतों को अपने कब्ज़े में ले लिया.

पुलिसकर्मी गज़ा में अराजकता को रोकने में फ़लिस्तीनी प्रशासन के नियंत्रण का विरोध कर रहे थे.

इससे पहले इसराइली विमानों ने ख़ान यूनुस शहर में एक इमारत पर हमला किया जिसका इस्तेमाल फ़तह पार्टी के नेता करते हैं.

एक अन्य घटना में दो फ़लस्तीनियों की मौत हो गई. संयुक्त राष्ट्र के एक क्लब पर भी चरमपंथियों ने हमला किया.

इन घटनाओं को देखते हुए ही महमूद अब्बास ने फ़लस्तीनी चरमपंथियों का आहवान किया कि वे इसराइल के साथ अपना संघर्षविराम जारी रखें.

ग़ौरतलब है कि फ़लस्तीनी चरमपंथी गुट इसराइल के साथ संघर्ष विराम आगे नहीं बढ़ाने की घोषणा कर चुके हैं.