शनिवार, 31 दिसंबर, 2005 को 02:10 GMT तक के समाचार
सीरिया के पूर्व उप राष्ट्रपति अब्दुल हलीम ख़दाम ने कहा है कि राष्ट्रपति बशर अल असद ने लेबनान के पूर्व प्रधानमंत्री रफ़ीक हरीरी को उनकी हत्या के कुछ महीने पहले ही धमकी दी थी.
इस साल फरवरी में बेरूत में हुए एक बम हमले में रफ़ीक हरीरी की मौत हो गई थी. सीरियाके पूर्व उप राष्ट्रपति ने कहा कि हरीरी को कई बार धमकियाँ दी गई थी.
संयुक्त राष्ट्र की एक जाँच में भी सीरिया को रफ़ीक हरीरी की हत्या के लिए दोषी ठहराया गया है लेकिन सीरिया इससे इनकार करता है.
संयुक्त राष्ट्र के जाँचकर्ता डेल्टेव मेहलिस ने कहा कि कई सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि हरीरी को राष्ट्रपति असद ने धमकी दी थी.
इस सूत्रों के मुताबिक़ हरीरी ने उनके सहा था कि राष्ट्रपति असद ने उन्हें धमकी दी है कि अगर वे लेबनान के राष्ट्रपित एमिल लाहूद का कार्यकाल बढ़ाए जाने का समर्थन नहीं करेंगे तो उनके 'सिर पर ही लेबनान को तोड़ दिया' जाएगा.
चेतावनी
सीरिया के पूर्व उप राष्ट्रपति ख़दाम ने अल अरबिया टीवी चैनल को बताया, "राष्ट्रपति असद ने मुझे कहा था कि उन्हें हरीरी को कठोर शब्दों में चेतावनी दी है और यहाँ तक कह दिया है कि अगर उन्होंने उनकी बात नहीं मानी तो वे किसी को भी कुचल सकते हैं."
ख़दाम ने कहा कि राष्ट्रपति असद की स्वीकृति के बिना सीरियाई ख़ुफ़िया सेवा ऐसी घटना को अंजाम नहीं दे सकती. लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि अभी संयुक्त राष्ट्र की जाँच के नतीजे का इंतज़ार करना चाहिए.
इस साल जून में 73 वर्षीय ख़दाम ने इस्तीफ़ा दे दिया था. उन्होंने अल अरबिया टीवी से बातचीत में कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति से औपचारिक रूप से संपर्क तोड़ लिया है. उन्होंने राष्ट्रपति असद पर सत्तावाद का आरोप भी लगाया.
ख़दाम जब उप राष्ट्रपति थे, तो सीरिया की लेबनान नीति के प्रभारी थे. वर्षों तक लेबनान में सीरिया का प्रभाव रहा लेकिन इस साल अंतरराष्ट्रीय दबाव में सीरिया ने लेबनाने से अपने सैनिक वापस बुला लिए थे.