शनिवार, 31 दिसंबर, 2005 को 13:19 GMT तक के समाचार
ब्रितानी मानवाधिकार कार्यकर्ता केट बर्टन ने कहा है कि वह अपने साथ हुए हादसे के बावजूद फ़लस्तीनी क्षेत्र में मानवाधिकार कार्यों के लिए अगले सप्ताह फिर लौटेंगी.
उधर फ़लस्तीनी वार्ताकार साएब एराकात ने कहा है कि फ़लस्तीनी क्षेत्र में विदेशियों के अपहरण की घटनाओं से उनके लोगों के लक्ष्य को नुक़सान पहुँच रहा है.
फ़लस्तीनी क्षेत्र ग़ज़ा पट्टी में बुधवार को केट बर्टन और उनके माता-पिता का कुछ अज्ञात लोगों ने अपहरण कर लिया था और उन्हें शुक्रवार को रिहा किया गया.
बर्टन परिवार की तरफ़ से जारी एक बयान में कहा गया है कि वे स्वस्थ हैं और अपहरण के दौरान भी उनके साथ अच्छा बर्ताव किया गया था.
केट बर्टन ने कहा है कि वह फ़लस्तीनी क्षेत्र में काम कर रहे मानवाधिकार संगठन के लिए अपने काम पर फिर से लौटने की इच्छा रखती हैं.
उन्होंने कहा कि वह फ़लस्तीनियों के साथ काम करने के लिए अब भी दृढ़ संकल्प हैं.
इससे पहले बर्टन परिवार के अपहर्ताओं ने एक वीडियो टेप जारी किया था जिसमें उन्होंने ख़ुद को मुजाहिदीन ब्रिगेड के सदस्य बताया था. अभी तक इस संगठन का नाम नहीं सुना गया था.
उस वीडियो में केट बर्टन को एक नक़ाबपोश बंदूकधारी के पास खड़ा दिखाया गया था.
इस बंदूकधारी ने वीडियो में अपने बयान में ब्रिटेन और यूरोपीय संघ से माँग की कि वे फ़लस्तीनियों को रियायतें दिलाने के लिए इसराइल पर दबाव डालें.
नुक़सान
फ़लस्तीनी वार्ताकार साएब इराकात ने कहा है कि बर्टन परिवार के अपहरण जैसी घटनाओं से फ़लस्तीनियों के हितों को नुक़सान पहुँचता है.
साएब इराकात ने कहा, "हम सभी फ़लस्तीनियों से अनुरोध करते हैं कि वे इस तरह की घटनाओं को रोकें क्योंकि इससे फ़लस्तीनियों के हितों को नुक़सान पहुँचता है."
इराकात ने कहा कि ग़ज़ा पट्टी में हालात बहुत ख़राब हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि 25 जनवरी को होने वाले चुनावों से पहले यह इस तरह की आख़िरी घटना होगी.
इराकात ने कहा कि बर्टन परिवार को तलाश करने के लिए हरसंभव कोशिश की गई और कुछ शहरों और क़स्बों में घर-घर की तलाशी भी ली गई.