शुक्रवार, 30 दिसंबर, 2005 को 16:48 GMT तक के समाचार
प्रताड़ना मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिनिधि मैनफ़्रेड नोवैक ने कहा है कि ग्वांतानामो बे में भूख हड़ताल कर रहे क़ैदियों को ज़बरदस्ती क्रूर तरीके से आहार दिए जाने के बारे में पुख़्ता आरोप लगाए गए हैं.
माना जा रहा है कि ग्वांतानामो बे में रविवार के बाद से खाना न खाने वाले क़ैदियों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है.
संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिनिधि ने कहा है कि कई वकीलों ने भी प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं.
नोवैक ने कहा कि उन्हें ख़बर मिली है कि कथित तौर पर बंदीगृह के गार्ड कई बार क़ैदियों के नाक में ज़बरदस्ती नली डाल देते हैं जो उनके पेट तक जाती है.
ये भी आरोप लगाया गया है कि इससे क़ैदियों के शरीर से खून निकलता है और वे उल्टी भी करने लगते हैं.
नोवैक ने कहा, “अगर ये आरोप सही हैं तो ये प्रताड़ना का मामला है.”
‘इन्टरनल न्यूट्रिशन'
लेकिन पेंटागन अधिकारियों ने कहा है कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि क़ैदियों के साथ ग़लत बर्ताव हुआ है.
पेंटागन के प्रवक्ता ने कहा, “मुझे ऐसी किसी भी घटना के बारे में पता नहीं है, इस बारे में कोई सबूत पेश नहीं किया गया है.”
प्रवक्ता ने कहा कि क़ैदियों को ‘इन्टरनल न्यूट्रिशन’ यानि अंदरुनी तरीके से खाना खिलाए जाने की प्रकिया पर प्रशिक्षित लोग नज़र रख रहे हैं.
संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिनिधि मैनफ़्रेड नोवैक ग्वांतानामो बे नहीं गए हैं. उन्होंने वहाँ जाने से मना कर दिया था क्योंकि अमरीका ने नोवैक को क़ैदियों से मिलने की पूरी छूट नहीं दी थी.
नोवैक ने कहा है कि वे क़ैदियों को ज़बरदस्ती खाना खिलाने के आरोपों की जाँच करना चाहते हैं. लेकिन वे ऐसा तब तक नहीं करेंगे जब तक अमरीका क़ैदियों से मिलने की खुली छूट नहीं देता.
कुछ क़ैदियों के वकीलों ने बताया है कि बिना मुकदमे के हिरासत में रखे जाने के विरोध में क़ैदी भूख हड़ताल कर रहे हैं.
ग्वांतानामो बे में करीब 500 क़ैदी हैं.