बुधवार, 28 दिसंबर, 2005 को 12:37 GMT तक के समाचार
रूस में जाँचकर्ताओं का कहना है कि वर्ष 2004 में बेस्लान के स्कूल में बंधकों को छुड़ाने का अभियान 'कमज़ोर और ख़ामियों से भरा हुआ' था.
एक संघीय जाँच का नेतृत्व कर रहे अलैंक्ज़ेंडर टॉर्शिन का कहना है कि क्षेत्रीय पुलिस उन आदेशों का पालन करने में विफल रही जिनकी वजह से हमले से बचा जा सकता था.
उनकी प्रारंभिक जाँच उस अभियोक्ता की रिपोर्ट के ठीक विपरीत है जिसमें कहा गया था कि सुरक्षा बलों ने कोई ग़लती नहीं की.
इससे उन 331 लोगों के रिश्तेदारों में ग़ुस्से की लहर फैल गई थी जो स्कूल में मारे गए थे.
इससे पहले एक स्थानीय संसदीय आयोग की जाँच में कहा गया था कि सुरक्षा सेवाएँ अक्षम थीं.
सितंबर, 2004 में बेस्लान के इस स्कूल में उस समय कई बच्चे मारे गए थे जब बंधक बनाने वालों ने स्कूल के भीतर जो बारूदी सुरंगें लगाई थीं वे फटने लगी थीं और सुरक्षा सैनिकों ने इमारत पर धावा बोल दिया था.
अलेक्ज़ेंडर टॉर्शिन के निष्कर्षों को बुधवार को रूस की संसद में पेश किया गया.
उन्होंने सासंदों से कहा, "विफलताओं और कमज़ोरियों की सूची ख़ासी लंबी है".
उनका कहना था कि अधिकारियों की लापरवाही और उपेक्षा की वजह से बंधक बनाने वाले हमले करने में कामयाब रहे.
टॉर्शिन का यह भी कहना था कि नॉर्थ ओसेटिया के क्षेत्रीय पुलिस विभाग ने स्कूलों के इर्दगिर्द सुरक्षा बढ़ाने के रूसी गृह मंत्रालय के निर्देश की भी उपेक्षा की.
उन्होंने कहा कि इन हमलों की तो कोई पूर्व सूचना नहीं थी लेकिन चेतावनी के तार आ चुके थे-21 अगस्त को और फिर 31 को भी.
उन्होंने कहा, ख़ुफ़िया जानकारी के अनुसार इन तारों में नॉर्थ ओसेटिया में गृह मंत्रालय की शाखा को निर्देश दिए गए थे कि वह पहली सितंबर को सभी शिक्षा संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था मज़बूत रखे.
अगर ऐसा किया जाता तो हमलों से बचा जा सकता था.
मॉस्को में बीबीसी संवाददाता एमा सिम्पसन का कहना है कि मृतकों के कई रिश्तेदार यही मानते आ रहे हैं ये मौतें बंधक बनाने वालों के हाथों नहीं बल्कि स्कूल पर भारी गोलीबारी की वजह से हुई हैं.