इराक़ में 15 दिसंबर को हुए संसदीय चुनावों के नतीजों का विरोध करते हुए हज़ारों लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया है.
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि चुनाव नतीजे गड़बड़ी करके हासिल किए गए हैं.
मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान लगाए गए नारों में आरोप लगाया गया कि शियाओं के धार्मिक दलों के सत्तारूढ़ गठबंधन को फ़ायदा पहुँचाने के लिए यह गड़बड़ी की गई है.
प्रदर्शनकारियों ने माँग की कि राष्ट्रीय एकता की एक ऐसी सरकार बनाई जाए जिसमें इराक़ के विभिन्न समुदायों की व्यापक हिस्सेदारी हो.
प्रदर्शनकारियों ने बैनर भी पकड़े हुए थे जिनमें से कुछ में अरब सुन्नियों और धर्मनिर्पेक्ष शिया नेताओं के समर्थन में नारे लिखे थे.
बहुत से नेताओं ने कहा है कि चुनाव के बारे में उनकी शिकायतों की समुचित जाँच नहीं कराई गई तो वे सविनय अवज्ञा आंदोलन भी छेड़ सकते हैं.
चुनावों के आरंभिक नतीजों में शिया धार्मिक दलों को अन्य दलों के मुक़ाबले बड़ी बढ़त दिखाई गई है.
देश में पूर्णकालिक संसद के लिए पहली बार हुए चुनाव के अंतिम परिणाम साल 2006 में ही आने की संभावना है.