सोमवार, 26 दिसंबर, 2005 को 13:12 GMT तक के समाचार
चीन ने कहा है कि वह पक्षियों में नया बर्ड फ्लू रोकने वाली दवाई की एक अरब ख़ुराकें बनाने का इरादा कर रहा है.
चीन की सरकारी मीडिया के अनुसार देश के वैज्ञानिक लगभग चार से इस दवाई पर काम कर रहे थे.
उम्मीद की जा रही है कि नई दवाई फ्लू के वायरस की ख़तरनाक नस्ल एच5एन1 से इंसानों को बचाने में भी मददगार साबित हो सकती है.
चीन अपने यहाँ तमाम घरेलू पक्षियों के लिए फ्लू से बचाने वाली दवाई बनाने की दिशा में काफ़ी आगे बढ़ रहा है और लगभग आधी मात्रा तैयार भी हो गई है. चीन में लगभग 14 अरब घरेलू पक्षी यानी मुर्ग़े-मुर्ग़ियाँ और बत्तख़ें हैं.
नई दवाई का इतने बड़े पैमाने पर उत्पादन करने के लिए पहले ही हरी झंडी दे दी गई है और लगभग एक अरब ख़ुराकें दिसंबर के अंत तक तैयार हो जाएंगी.
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि चीन को अगर एच5एन1 को फैलने से रोकना है तो उसे खेती करने के अपने तरीकों को बदलना होगा.
वैज्ञानिकों ने आशंका व्यक्त की है कि वायरस पक्षियों को प्रभावित करने वाली बीमारियों से उन बीमारियों में प्रवेश कर सकता है जो मानवों के बीच फैलती है और इसी से मानव की महामारियाँ फैलती हैं.
चीन में बहुत से क्षेत्रों में लोग और पक्षी बहुत नज़दीकी में रहते हैं.
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि अगर वायरस को फैलने से रोकना है तो इंसानों और घरेलू पक्षियों के रहन-सहन में समुचित फ़ासला बनाने की ज़रूरत होगी.
चीन में साल 2005 में बर्ड फ्लू के 31 मामले सामने आ चुके हैं. इस वायरस छह लोग संक्रमित हो गए थे जिनमें से दो की मौत हो गई.