रविवार, 25 दिसंबर, 2005 को 23:24 GMT तक के समाचार
सूनामी विपदा की पहली बरसी पर एशिया के विभिन्न देशों में श्रद्धांजलियाँ दी जा रही हैं.
पिछले साल 26 दिसंबर को भूकंप के बाद हिंद महासागर में आई सूनामी लहरों ने दो लाख से अधिक लोगों की जान ले ली थी.
इंडोनेशिया, थाईलैंड, श्रीलंका और भारत में सबसे अधिक लोग मारे गए थे.
सर्वाधिक प्रभावित देश इंडोनेशिया में प्रमुख समारोह बंदा आचे शहर में हो रहा है जो उस भूकंप के केंद्र के सबसे नज़दीक था जिसके कारण समुद्र में सूनामी लहरें उठीं.
सुमात्रा द्वीप पर आचे प्रांत की राजधानी बंदा आचे में विशेष प्रार्थना सभा हो रही है जिसमें देश के राष्ट्रपति सुसीलो बाम्बांग युधोयोनो भाग ले रहे हैं.
प्रार्थना सभा ठीक उस समय शुरू हुई जब पहली बार सूनामी लहरें तट पर पहुँची थीं.
इंडोनेशिया में सूनामी विपदा के कारण 1,30,000 लोग मारे गए थे. अभी भी 37,000 लोगों का कुछ पता नहीं है जो सरकारी तौर पर लापता हैं.
श्रीलंका
श्रीलंका में मुख्य आयोजन उस स्थान पर हो रहा है जहाँ सूनामी लहरों के बाद एक रेलगाड़ी पानी में बह गई थी.
अकेले इस दुर्घटना में 1000 से अधिक लोग मारे गए थे. श्रीलंका में सूनामी लहरों की तबाही में 31,000 से अधिक लोग मारे गए थे.
श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे पेरालिया गाँव में होनेवाली इस सभा का नेतृत्व कर रहे हैं.
दो मिनट के मौन के बाद राष्ट्रपति राजपक्षे वहाँ पीड़ितों की याद में बनाए गए एक स्मारक का अनावरण करेंगे.
श्रीलंका में सूनामी विपदा के बाद राहत कार्य के लिए जो प्रयास किए गए उनकी संयुक्त राष्ट्र ने सराहना की है.
श्रीलंका में सूनामी के कारण विस्थापित हुए 2,50,000 लोगों को आपातकालीन शिविरों से हटाकर 54,000 अस्थायी आवासों में ले जाया गया है. वहीं स्थाई घरों के निर्माण का काम भी तेज़ी से चल रहा है.
थाईलैंड
थाईलैंड में भी कार्यक्रम हो रहे हैं जिनमें अधिकारियों को उम्मीद है कि 10,000 से अधिक लोग शामिल होंगे.
सूनामी विपदा की बरसी पर थाईलैंड में पहले ही कार्यक्रम हो रहे हैं. वहाँ बौद्ध और ईसाई मत के लोगों ने प्रभावित समुद्र तटों पर स्मारक बनाए हैं जहाँ हज़ारों लोगों ने मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी.
थाईलैंड में सूनामी के कारण मारे गए लोगों की संख्या आधिकारिक तौर पर 5,395 बताई गई थी.
थाईलैंड में सर्वाधिक प्रभावित तट खाओ लाक से बीबीसी संवाददाता ने ख़बर दी है कि वहाँ सूनामी लहरों के बाद तट पर काफ़ी पीछे धकेल दी गई पुलिस की एक नाव के पास प्रार्थना सभा हो रही है.
इस नाव को एक स्मृति के तौर पर वैसे ही रखा गया है और इसके आस-पास एक पार्क बना दिया गया है.
ये प्रार्थना सभा भी ठीक उसी सयम शुरू हुई जब पहली बार सूनामी लहरें तट पर पहुँचीं थीं.
दिन भर चली श्रद्धांजलि सभा का समापन शाम को मोमबत्तियाँ जलाकर किया जाएगा जिसमें थाईलैंड के प्रधानमंत्री शामिल होंगे.
भारत
भारत में भी सूनामी लहरों की तबाही के एक वर्ष पूरे होने पर मारे गए और प्रभावित हुए लोगों को याद किया जा रहा है.
भारत में सूनामी लहरों के कारण 10,000 से अधिक लोग मारे गए थे.
सबसे अधिक तबाही तमिलनाडु के नागपट्टनम ज़िले में हुई थी जहाँ 6,500 से अधिक लोग मारे गए थे.
नागपट्टनम में रविवार को सूनामी प्रभावितों की श्रद्धांजवलि के तौर पर एक शांति यात्रा निकाली गई जिसमें हिंदू, मुस्लिम और ईसाई बच्चों ने भाग लिया.
अंडमान निकोबार द्वीप समूह, पॉंडिचेरी, केरल और आंध्र प्रदेश में भी सूनामी लहरों ने तबाही मचाई थी.
कार निकोबार में सूनामी की बरसी पर सोमवार को प्रार्थना सभाएँ हो रही हैं. वहाँ सोमवार सुबह को एक शांति रैली निकाली गई.