रविवार, 25 दिसंबर, 2005 को 13:54 GMT तक के समाचार
वैटिकन से अपने पहले क्रिसमस संदेश में कैथोलिक धर्मगुरू पोप बेनेडिक्ट 16वें ने मानवता से आधुनिक दुनिया की समस्याओं को एकजुटता से सुलझाने का आह्वान किया.
रविवार को ईसा मसीह के जन्मदिवस की याद में सारी दुनिया के ईसाई क्रिसमस पर्व मना रहे हैं.
इस अवसर पर पोप ने विशेष तौर पर आतंकवाद, ग़रीबी और पर्यावरण को हो रहे नुकसान का ज़िक्र करते हुए, ईसा मसीह से प्रेरणा लेते हुए, इन समस्याओं का हल खोजने की बात कही.
महत्वपूर्ण है कि उन्होंने दुनिया में संघर्ष वाले क्षेत्रों में, ख़ास तौर पर मध्य पूर्व, इराक़ और लेबनान से आ रहे सकारात्मक संकेतों का स्वागत किया.
लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि इससे आगे बुद्धिमत्ता से, न्यायपूर्ण कार्रवाई होना चाहिए.
'मध्य पूर्व में शांति हो'
रोम में वैटिकन स्थित सेंट पीटर्स गिरजाघर में प्रार्थना करते हुए पोप ने उन लोगों के लिए विशेष प्रार्थना की जो मध्य पूर्व में संघर्ष के बीच रह रहे हैं.
पोप ने कहा,"आज इस रात, जब हम बेथलेहम की ओर देखते हैं, आइए सब मिलकर उस स्थान जो हमारे पालनहार का जन्मस्थान है, उसके लिए और वहाँ रहनेवाले और दुःख उठानेवाले स्त्री-पुरूषों के लिए प्रार्थना करें"
उधर इराक़ में कैंडेला कैथोलिक गिरजाघर के प्रमुख ने कहा कि देश में ईसाईयों और मुसलमानों के बीच किसी तरह का भेद-भाव नहीं किया जाना चाहिए.
फ़लस्तीन और इसराइल
कैथोलिक प्रतिनिधि के साथ-साथ एंग्लिकन चर्च के प्रमुख, आर्चबिशप ऑफ़ कैंटरबरी ने इसराइल के द्वारा खड़ी की गई उस बाड़ की आलोचना की जिससे बेथलेहम और यरूशलम अलग होते हैं.
इसराइल में रोमन कैथोलिक समुदाय के वरिष्ठतम प्रतिनिधि ने कहा कि पश्चिमी तट में इसराइल के बाड़ बनाने के बाद बेथलेहम एक 'बड़ी जेल' बन गया है.
उन्होंने लोगों को अलग करनेवाली हर बाड़ को तोड़ने का आह्वान किया.
ईसा मसीह के जन्मस्थल बेथलेहम में क्रिसमस की पूर्वसंध्या पर हुई प्रार्थना सभा में फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास, कई देशों के राजदूत और हज़ारों की संख्या में ईसाई शामिल हुए.