रविवार, 25 दिसंबर, 2005 को 02:40 GMT तक के समाचार
आज ईसा मसीह के जन्मदिवस की याद में सारी दुनिया के ईसाई क्रिसमस पर्व मना रहे हैं.
क्रिसमस की पूर्वसंध्या पर कैथोलिक ईसाई धर्मगुरू पोप बेनेडिक्ट ने मध्य पूर्व में शांति का आह्वान किया है.
अर्धरात्रि को रोम में वैटिकन स्थित सेंट पीटर्स गिरजाघर में प्रार्थना करते हुए पोप ने उन लोगों के लिए विशेष प्रार्थना की जो मध्य पूर्व में संघर्ष के बीच रह रहे हैं.
पोप ने कहा,"आज इस रात, जब हम बेथलेहम की ओर देखते हैं, आइए सब मिलकर उस स्थान जो हमारे पालनहार का जन्मस्थान है, उसके लिए और वहाँ रहनेवाले और दुःख उठानेवाले स्त्री-पुरूषों के लिए प्रार्थना करें"
पोप रविवार को दोपहर में सारी दुनिया के लिए अपना क्रिसमस संदेश देंगे. पोप बनने के बाद ये उनका पहला क्रिसमस संदेश होगा.
उधर इराक़ में कैंडेला कैथोलिक गिरजाघर के प्रमुख ने कहा कि देश में ईसाईयों और मुसलमानों के बीच किसी तरह का भेद-भाव नहीं किया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि इराक़ में रह रहा हर व्यक्ति इराक़ी है और एक कार बम किसी का धर्म देखकर किसी की जान नहीं लेता.
बाड़ की निंदा
वहीं मध्य पूर्व में कैथोलिक ईसाई समुदाय के प्रतिनिधि ने कहा कि फ़लस्तीनियों के लिए अपना देश हासिल करना उनका अधिकार है और वहीं इसराइलियों को बदले में सुरक्षा पाने का अधिकार है.
कैथोलिक प्रतिनिधि के साथ-साथ एंग्लिकन चर्च के प्रमुख, आर्चबिशप ऑफ़ कैंटरबरी ने इसराइल के द्वारा खड़ी की गई उस बाड़ की आलोचना की जिससे बेथलेहम और यरूशलम अलग होते हैं.
इसराइल में रोमन कैथोलिक समुदाय के वरिष्ठतम प्रतिनिधि ने कहा कि पश्चिमी तट में इसराइल के बाड़ बनाने के बाद बेथलेहम एक 'बड़ा जेल' बन गया है.
उन्होंने लोगों को अलग करनेवाली हर बाड़ को तोड़ने का आह्वान किया.
ईसा मसीह के जन्मस्थल बेथलेहम में क्रिसमस की पूर्वसंध्या पर हुई प्रार्थना सभा में फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास, कई देशों के राजदूत और हज़ारों की संख्या में ईसाई शामिल हुए.
इसराइल का कहना है कि ये बाड़ उसने अपनी सुरक्षा के लिए बनाया है जबकि फ़लस्तीनियों के अनुसार इसराइल ने ऐसा कर बस ज़मीन हड़पी है.