बुधवार, 21 दिसंबर, 2005 को 23:14 GMT तक के समाचार
इराक़ के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन ने कहा है कि हिरासत के दौरान अमरीका ने उन्हें प्रताड़ित किया था और उनकी पिटाई भी की गई थी.
सद्दाम हुसैन ने ये बात उनके ख़िलाफ़ बग़दाद में जारी मुक़दमे की सुनवाई के दौरान कही.
सद्दाम हुसैन ने बताया, "मुझे पीटा गया है और पिटाई के निशान मेरे पूरे शरीर पर हैं."
लेकिन अमरीका के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि उनके पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है जो सद्दाम के आरोपों को बल देती हो.
बग़दाद में अमरीकी राजदूत क्रिसटोफर रीड ने सीएनएन को बताया कि पिटाई के आरोप ग़लत हैं.
अभियोजन पक्ष ने कहा है कि सद्दाम हुसैन को वातानुकूलित कमरे में रखा गया है जबकि बग़दाद के कई हिस्सों में तो बिजली ही नहीं है.
सद्दाम हुसैन सात अन्य अभियुक्तों के साथ बुधवार को अदालत में उपस्थित हुए. सुनवाई के दौरान सद्दाम हुसैन लगातार कुछ न कुछ लिख रहे थे.
मुक़दमा
सद्दाम हुसैन और उनके सहयोगियों पर दुजैल गाँव में 148 शिया मुसलमानों की हत्या के आरोप में मुक़दमा चल रहा है.
बुधवार को दो गवाहों ने 1982 में सद्दाम हुसैन पर हुए विफल हमले के बाद इराक़ी लोगों पर हुए कथित अत्याचार की बात बताई.
पहले गवाह ने यातनाओं के बारे में कई तरह की बातें विस्तार से बताईं जिसमें बिजली के झटके देने की भी बात की गई.
इस गवाह ने दूसरे गवाहों की तरह अपना चेहरा और अपनी पहचान गुप्त रखने से मना कर दिया.
सद्दाम हुसैन ने बीच में अदालत से नमाज़ के लिए अवकाश देने का अनुरोध किया लेकिन न्यायाधीश ने कहा कि जब तक गवाह अपनी बात पूरी नहीं कर लेता, कार्यवाही नहीं रूकेगी.
सद्दाम का रूख़
अभी तक की सुनवाई में इस मुक़दमे का विरोध भी किया गया है और बहस के दौरान बाधा भी पहुँचाई गई है.
अनेक गवाह पहले ही दुजैल गाँव में हुई घटना का ब्यौरा अदालत में दे चुके हैं.
सुनवाई के दौरान सद्दाम हुसैन ने विद्रोही रुख़ अपनाया हुआ है और उन्होंने यह बात मानने से इनकार किया है कि वह इराक़ के राष्ट्रपति नहीं हैं.
उन्होंने मुक़दमे की सुनवाई कर रही अदालत को पहचान देने से भी इनकार किया है.
सद्दाम हुसैन ने अमरीकी जेलरों के हाथों बेहतर बर्ताव की माँग की है.
इराक़ में नई पूर्णकालिक सरकार के लिए 15 दिसंबर को हुए चुनाव के बाद सद्दाम के ख़िलाफ़ हो रहे मुक़दमे की यह पहली सुनवाई है.