मंगलवार, 20 दिसंबर, 2005 को 18:14 GMT तक के समाचार
इराक़ में सुन्नी समुदाय के राजनीतिक गठबंधन, इराक़ अकॉर्ड फ़्रंट ने हाल ही में हुए संसदीय चुनाव के प्रारंभिक परिणामों में धाँधली का आरोप लगाया है.
इस गठबंधन ने एक नेता अदनान अल दुआएमी ने कहा, " हम चुनाव आयोग के नतीजों को नहीं मानते."
इराक़ अकॉर्ड फ़्रंट ने चेतावनी दी है कि अगर नतीजे नहीं बदले गए तो वो नई सरकार नहीं बनने देगा.
धाँधली के आरोपों के बारे में इराक़ चुनाव आयोग के अध्यक्ष फ़रीद अयार ने कहा कि एक हज़ार से ज़्यादा धाँधली की शिकायतें मिली हैं और सभी शिकायतों की जाँच होगी.
पर साथ ही उन्होंने कहा, "दोबारा मतदान करवाने के बारे में सोचना अभी जल्दबाज़ी होगी."
प्रारंभिक परिणाम
इस बारे में इराक़ के राष्ट्रपति जलाल तालबानी ने कहा कि चुनाव निष्पक्ष तरीक़े से संपन्न हुए हैं.
इराक़ में हुए चुनाव के प्रारंभिक नतीजे सोमवार को सामने आए जिनके अनुसार सत्ताधारी शिया गठबंधन को बग़दाद में 58 प्रतिशत वोट मिले हैं.
वहीं सुन्नी गुट को केवल 19 प्रतिशत मत मिले हैं.
जबकि पूर्व प्रधानमंत्री इयाद अलावी की इराक़ी नेशनल लिस्ट तीसरे नंबर पर रही.
चुनाव आयोग ने ये भी घोषणा की है कि यूनाइटेड इराक़ी एलायंस बसरा और आठ अन्य दक्षिणी प्रांतों में आगे चल रही है. वहीं कुर्दीस्तान एलायंस तीन उत्तरी प्रांतों में आगे है.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ये नतीजे इयाद अलावी और सुन्नी गठबंधन, इराक़ अकॉर्ड फ़्रंट ने लिए अच्छी ख़बर नहीं है क्योंकि वे संसद में सुन्नियों का प्रतिनिधित्व बढ़ाना चाहते हैं.
इराक़ के राष्ट्रपति जलाल तालबानी ने कहा है, " हम ऐसी सरकार बनाना चाहते हैं जो सबको जोड़ती हो फिर चाहे वो शिया हो, सुन्नी हो या कुर्द."
उल्लेखनीय है कि इराक़ में इसी महीने आम चुनाव करवाए गए थे जिसकी इराक़ी और अमरीकी अधिकारियों ने सराहना की थी.
चुनाव में सुन्नियों ने काफ़ी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था और अधिकारियों ने इसे लोकतंत्र की दिशा में एक महत्वपूर्ण क़दम बताया था.
अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने भी चुनाव को अंतराष्ट्रीय मानकों पर खरा घोषित किया था.
अंतिम परिणाम अगले वर्ष के आरंभ तक आने की उम्मीद है.