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शनिवार, 17 दिसंबर, 2005 को 03:19 GMT तक के समाचार

यूरोपीय संघ में बजट के मुद्दे पर सहमति

यूरोपीय संघ के नेताओं में बजट के मुद्दे पर सहमति हो गई है. ब्रिटेन उसे मिलनी वाली आर्थिक रियायत को करीब साढ़े बारह अरब डॉलर से कम करने पर राज़ी हो गया.

बजट के मुद्दे पर बने गतिरोध को ख़त्म करने के लिए ब्रसेल्स में बातचीत का दौर रात भर चला.

ये बजट वर्ष 2007 से लेकर 2013 तक के लिए है. बजट को लेकर काफ़ी मतभेद थे, ख़ासकर ब्रिटेन को मिली आर्थिक रियायत को लेकर.

ब्रिटेन को मिलने वाली रियायत कम होने से जो धनराशि बचेगी, उसका इस्तेमाल यूरोपीय संघ के नए सदस्यों की मदद करने में किया जाएगा.

इसके एवज में यूरोपीय संघ के नेतओं ने कहा कि वे कृषि नीति समेत संघ के दूसरे खर्चों के मुद्दे पर फिर से विचार करेंगे.

सब्सिडी का मुद्दा

कृषि सब्सिडी में सुधार का जटिल मुद्दा 2008-2009 तक के लिए टाल दिया गया है.

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने बजट पर हुई सहमति के बारे में कहा, "ये ऐसा समझौता है जो यूरोप को आगे बढ़ने में मदद करेगा."

फ़्रांस के राष्ट्रपति शिराक ने रियायत कम करने के लिए टोनी ब्लेयर की
प्रशंसा की.

जर्मनी की चांसलर मर्केल ने कहा कि ये समझौता यूरोप के भविष्य के लिए अच्छी बात है.

ब्रिटेन को मिलने वाली आर्थिक रियायत और कृषि सब्सिडी कम करने को लेकर यूरोपीय संघ में तीखे मतभेद थे.

ब्रिटेन अब तक इस बात पर अड़ा हुआ था कि उसे मिलने वाली आर्थिक रियायत कम नहीं होनी चाहिए. ये रियायतें ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री मारग्रेट थैचर ने 1984 में हासिल की थी.

वहीं फ़्रांस कृषि नीति में बदलाव के ख़िलाफ़ रहा है.

2007-13 के लिए यूरोपीय संघ का कुल बजट यूरोपीय आयोग द्वारा माँगे गए पैसे से 1.24 फ़ीसदी कम है.

यूरोपीय संघ के नेता मैसेडोनिया को संघ के उम्मीदवार देश का दर्जा देने पर भी सहमत हो गए हैं.

इसके अलावा ये भी कहा गया कि संघ में नए देशों को शामिल करने का फ़ैसला, यूरोपीय संघ के भविष्य पर विस्तृत चर्चा के बाद ही किया जाएगा.