शुक्रवार, 16 दिसंबर, 2005 को 17:14 GMT तक के समाचार
इराक़ के गृह उप मंत्री ने कहा है कि पिछले साल इराक़ी पुलिस ने चरमपंथी नेता अबू मुसाब अल ज़रक़ावी को पकड़ लिया था लेकिन ग़लती से उन्हें छोड़ दिया गया.
उप गृह मंत्री हुसैन कमाल ने संवाददाताओं को बताया कि ज़रक़ावी को केंद्रीय इराक़ के फ़लूजा शहर से गिरफ़्तार किया गया था. लेकिन उन्हें कोई पहचान नहीं पाया, इसलिए छोड़ दिया गया.
ज़रक़ावी को अल क़ायदा से जुड़ा हुआ माना जाता है और उनके गुट ने इराक़ में हुए कई बड़े हमलों की ज़िम्मेदारी ली है.
अमरीकी सैनिकों ने भी इस साल दावा किया था कि उनके एक हमले में ज़रक़ावी घायल हो गए थे.
अल क़ायदा ने इसके बाद एक बयान जारी किया था, जिससे ये तो लगा कि ज़रक़ावी घायल हुए थे लेकिन उनको काफ़ी कम चोट आई थी.
इराक़ के गृह उप मंत्री हुसैन कमाल ने इस बात पर ज़ोर दिया कि इसके बावजूद आख़िरकार ज़रक़ावी पकड़ लिया जाएगा.
उन्होंने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया, "वे भी एक इंसान हैं. उनके पास ख़ुदा की शक्ति नहीं. वे एक बार बच निकले लेकिन अगली बार ऐसा नहीं होगा. इराक़ी जनता पर किए गए अपराधों के लिए उन पर मुक़दमा भी चलेगा."
इराक़ में ज़रक़ावी की सबसे ज़्यादा तलाश है और उन पर अमरीका ने ढाई करोड़ डॉलर का ईनाम रखा है.