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शुक्रवार, 16 दिसंबर, 2005 को 00:35 GMT तक के समाचार

यातना विधेयक को बुश का समर्थन

अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा है कि संदिग्ध चरमपंथियों के साथ अमानवीय बर्ताव करने और उन्हें यातना देने पर रोक लगाने संबंधी विधेयक का वे समर्थन करेंगे.

विधेयक रिपब्लिकन सीनेटर जॉन मेक्केन ने पेश किया था.

कांग्रेस और व्हाइट हाउस के बीच कई महीनों से इस विधेयक पर बात चल रही थी.

राष्ट्रपति बुश कहते आएँ हैं कि यातना पर रोक संबंधी विधेयक से ख़ुफ़िया एजेंसियों के काम में बाधा आएगी.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि कांग्रेस के दबाव के चलते ही राष्ट्रपति बुश इस विधेयक पर सहमत हुए हैं.

संवाददाता के मुताबिक़ जब सीनेट और प्रतिनिधि सभा दोनों ने इस विधेयक का समर्थन किया तो राष्ट्रपति बुश के पास कोई और विकल्प नहीं बचा.

मतभेद

इस पूरे मामले को उपराष्ट्रपति डिक चेनी के लिए भी निजी स्तर पर हार के तौर पर देखा जा रहा है. उन्होंने हर रिपब्लिकन सीनेटर को फ़ोन किया था ताकि विधेयक को समर्थन न मिल सके.

हाल के दिनों में संदिग्ध चरमपंथियों की अमरीका द्वारा पूछताछ और जाँच करने की उसकी नीतियों को लेकर ख़ासा विवाद चल रहा है.

व्हाइट हाउस का कहना है कि यातना से जुड़ा नया क़ानून पूछताछ और जाँच को कम डरावनी बना देगा जिससे हो सकता है कि संदिग्ध लोगों से जानकारी हासिल करने में मुश्किलें हो.

लेकिन सीनेट और प्रतिनिधि सभा इस तर्क से सहमत नहीं थे.

राष्ट्रपति बुश ने सीनेटर मेक्केन के साथ साझा पत्रकार वार्ता की लेकिन उन्होंने सीधे तौर पर विधेयक की बात नहीं की.

राष्ट्रपति बुश ने मेक्केन की तरफ़ इशारा करते हुए कहा, "मेक्केन के साथ साझा मकसद के लिए काम करने पर हमें बेहद खुशी हुई है, मकसद है कि हम दुनिया को बताना चाहते हैं कि ये सरकार यातना पर हुई अंतरराष्ट्रीय संधि को मानती है."

गौरतलब है कि यूरोपीय संसद बुधवार को इस बात पर सहमत हुए थी कि अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए की यूरोप में गुप्त जेलें होने और उड़ानें संचालित करने के आरोपों की जाँच की जाए.