शुक्रवार, 16 दिसंबर, 2005 को 04:55 GMT तक के समाचार
इराक़ में 15 दिसंबर को हुए मतदान के बाद वहाँ मतगणना का काम चल रहा है. लेकिन कम से कम अगले दो हफ़्तों तक नतीजे आने की उम्मीद नहीं है.
इससे पहले गुरुवार को इराक़ के लोगों ने देश की पहली पूर्णकालिक सरकार चुनने के लिए मत डाला.
हालांकि मतदान प्रतिशत के आधिकारिक आँकड़े नहीं आए हैं लेकिन
इराक़ में भारी मतदान होने की ख़बर है. मतदान के दौरान छिटपुट हिंसा की ख़बर है.
कुछ इलाक़ों में तो मतदान केंद्रों को अतिरिक्त एक घंटे के लिए खोले रखा गया क्योंकि निर्धारित समय समाप्त होने के बाद भी मतदाताओं की लंबी क़तारें देखी गईं.
प्रतिक्रिया
बड़ी संख्या में मतदान करने के लिए दुनिया भर में इराक़ी लोगों की प्रशंसा हो रही है.
अमरीका के राष्ट्रपति ने इस मतदान को ऐतिहासिक बताया है.
चुनाव के बाद इराक़ के अंतरिम प्रधानमंत्री इब्राहिम अल जाफ़री ने कहा, "उम्मीद है कि नई सरकार के गठन में कोई दिक्कत नहीं आएगी."
बीबीसी से बातचीत में उन्होंने इराक़ के संविधान की प्रशंसा की और कहा कि चरमपंथियों के ख़िलाफ़ जारी लड़ाई में जीत मिल रही है.
मतदान
चुनाव अधिकारियों ने फ़लूजा जैसे सुन्नी बहुल इलाकों से भी भारी मतदान की ख़बर दी है.
मत डालने के बाद शिया समुदाय के मोहम्मद अहमद अल बयाती ने कहा, "ये जीत का दिन है, आज़ादी का दिन है."
वहीं खालिद फ़वाज़ ने फ़लूजा में बताया, " मैं मत डाल रहा हूँ ताकि सुन्नी हाशिए पर न रहें."
चुनाव भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुआ. करीब डेढ़ लाख इराक़ी सैनिक और पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे. लेकिन हिंसा की कई घटनाएँ हुई हैं. मतदान शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद राजधानी बग़दाद में मोर्टार से गोले दाग़े गए.
मतगणना के बाद गठित होने वाली नई एसेंबली इराक़ की अंतरिम सरकार की जगह लेगी. अंतरिम सरकार इस साल जनवरी में चुनी गई थी.
नेशनल एसेंबली का कार्यकाल चार साल का होगा.
चुनाव अधिकारियों के मुताबिक करीब 6655 उम्मीदवारों और 307 पार्टियों ने चुनाव के लिए पंजीकरण करवाया था.