बुधवार, 14 दिसंबर, 2005 को 21:50 GMT तक के समाचार
अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने स्वीकार किया है कि इराक़ पर हमला करने का फ़ैसला ग़लत ख़ुफ़िया जानकारी के आधार पर किया गया, फिर भी ये सही विकल्प था.
इराक़ में गुरुवार को संसदीय चुनाव होने जा रहे हैं. इससे एक दिन पहले राष्ट्रपति बुश ने इराक़ पर हमले के फ़ैसले का बचाव किया जिसके कारण सद्दाम हुसैन को अपदस्थ कर दिया गया था.
उन्होंने कहा, "सद्दाम हुसैन एक ख़तरा थे. अमरीकी जनता और दुनिया के लोग उनके सत्ता में न रहने के कारण ज़्यादा सुरक्षित हैं."
वॉशिंगटन के वुड्रो विल्सन सेंटर में एक भाषण के दौरान राष्ट्रपति बुश ने कहा, "कई ख़ुफ़िया एजेंसियों ने कहा था कि सद्दाम हुसैन के पास सामूहिक जनसंहार के हथियार है. ये सही है कि ज़्यादातर ख़ुफ़िया जानकारी ग़लत साबित हुई. फिर भी सद्दाम हुसैन एक ख़तरा थे और वे अपना हथियार कार्यक्रम फिर से शुरू करने का मौक़ा तलाश कर रहे थे."
ज़िम्मेदार
उन्होंने कहा कि अमरीका का राष्ट्रपति होने के नाते इराक़ पर हमला करने के फ़ैसले के लिए वे ज़िम्मेदार हैं और वे इसके लिए ख़ुफ़िया सेवाओं में सुधार कर रहे हैं.
इराक़ मामले में हुए जनमत सर्वेक्षणों में अभी भी अमरीकी जनता इराक़ मामले से निपटने के राष्ट्रपति बुश के तरीक़े से नाराज़ है. कई सांसद तो ये भी सवाल उठा रहे हैं कि इराक़ में अमरीकी सैनिकों को कब तक रहना चाहिए.
राष्ट्रपति बुश इस बात पर ज़ोर देते रहे हैं कि अमरीकी सेनाओं को उस समय तक इराक़ में रहना चाहिए जब तक इराक़ी सैनिक पूरी तरह प्रशिक्षित न हो जाएँ और सुरक्षा व्यवस्था संभालने लायक़ न हो जाएँ.
उनका कहना है कि स्थिर इराक़ वहाँ की जनता और अमरीकी जनता के हित में है. राष्ट्रपति बुश ने वॉशिंगटन में अपने भाषण के दौरान उन सांसदों की आलोचना भी की और कहा कि पहले इन लोगों ने इराक़ पर हमले का समर्थन किया था और अब वे इस पर राजनीति कर रहे हैं.
अमरीकी अख़बार यूएस टूडे, सीएनएन और गैलप ने मिलकर एक सर्वेक्षण किया था जिसके नतीजे बुधवार को जारी किए गए. इसके अनुसार 59 प्रतिशत अमरीकी जनता इराक़ युद्ध से निपटने के राष्ट्रपति बुश के तरीक़े को सही नहीं मानती.
सीनेट में तो 40 डेमोक्रेट और एक निर्दलीय ने एक पत्र लिखकर राष्ट्रपति बुश से अपील की थी कि वे इराक़ी और अमरीकी जनता के प्रति और स्पष्टवादी बनें.