मंगलवार, 13 दिसंबर, 2005 को 23:42 GMT तक के समाचार
यूरोप में मानवाधिकार की स्थिति पर निगरानी करनेवाली संस्था ने कहा है कि इस बात के यथेष्ट प्रमाण मौजूद हैं कि अमरीका आतंकवादी मामलों में पकड़े गए संदिग्ध लोगों को ग़ैरक़ानूनी रूप से यूरोप ले जाता रहा है.
काउंसिल ऑफ़ यूरोप नामक इस संस्था ने इन आरोपों को भी विश्वसनीय बताया है कि अमरीकी गुप्तचर एजेंसी सीआईए ने यूरोप में गुप्त जेलें बनाई हुई हैं.
इस बारे में स्विट्ज़रलैंड के सीनेटर डिक मार्टी ने संस्था के सामने एक रिपोर्ट पेश की है.
उन्होंने इस संबंध में ठीक तरह से जानकारी और स्पष्टीकरण नहीं देने के लिए अमरीका की निंदा की है.
हालाँकि अमरीका और अन्य गुप्तचर संस्थाएँ कहती रही हैं कि उन्होंने जो भी कार्रवाई की वह क़ानून के दायरे के भीतर है.
स्ट्रॉसबर्ग में स्थित बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस कड़ी रिपोर्ट के बाद इस संबंध में और व्यापक जाँच के लिए दबाव बढ़ेगा.
रिपोर्ट
काउंसिल ऑफ़ यूरोप का गठन 1949 में किया गया था और 46 देश इस संस्था के सदस्य हैं.
संस्था ने एक बयान जारी कर अमरीका और सीआईए पर लगे आरोपों की जाँच से प्राप्त रिपोर्ट जारी की है.
इसमें कहा गया है,"अभी तक हमें जो प्रमाण मिले हैं उनसे इन आरोपों को और बल मिलता है कि क़ानून के दायरे से बाहर जाकर बंदियों को यूरोपीय देशों में ले जाया गया".
लेकिन संस्था ने कहा कि अभी ये कहना जल्दबाज़ी होगा कि इस सारी कार्रवाई में यूरोप के भी कुछ देश सक्रिय रूप से भाग ले रहे थे.
मीडिया में आई रिपोर्टों में कहा गया है कि पोलैंड और रोमानिया ऐसे देश हो सकते हैं जहाँ सीआईए ने बंदियों को गुप्त जेलों में रखा.
यूरोपीय संघ ने अभी तक इस बारे में किसी तरह की जाँच करने से मना कर दिया है.
लेकिन उसने चेतावनी दी है कि अगर किसी देश में ऐसी गोपनीय जेलें होने की बात पता चली तो यूरोपीय संघ में उस देश के वोट देने के अधिकार को समाप्त कर दिया जाएगा.