सोमवार, 12 दिसंबर, 2005 को 15:35 GMT तक के समाचार
बीबीसी समेत कई समाचार कंपनियों के एक सर्वेक्षण से संकेत मिले हैं कि इराक़ में हिंसा के बावजूद लोगों में आमतौर पर अपनी ज़िंदगी को लेकर आशावाद बढ़ा है.
लेकिन इस सर्वेक्षण में पाया गया कि सुरक्षा चिंताएँ अब भी ज़्यादातर लोगों के दिलो-दिमाग़ पर छाई हुई हैं.
ग़ौरतलब है कि इराक़ पर मार्च 2003 में हुए हमले के बाद हिंसक घटनाएँ होती रहती हैं जिनमें हज़ारों लोग मारे जा चुके हैं.
अगले साल में लोगों की प्राथमिकता होगी सुरक्षा के माहौल की बहाली और विदेशी सेनाओं की वापसी.
इस सर्वेक्षण में जिन 1700 लोगों से बातचीत की गई उनमें से ज़्यादातर ऐसा अखंड इराक़ चाहते थे जिसकी एक मज़बूत केंद्रीय सरकार हो.
काफ़ी लोग इराक़ पर अमरीकी हमले के ख़िलाफ़ थे और लगभग दो-तिहाई इराक़ में विदेशी फ़ौज़ों की जारी मौजूदगी के विरुध थे.
लेकिन अनेक लोगों का मानना था कि अब विदेशी सेनाओं को तब तक इराक़ में रहना चाहिए जब तक वहाँ सुरक्षा की स्थिति बेहतर नहीं हो जाती.
लगभग 70 प्रतिशत लोग ये मानते हैं कि उनकी ज़िंदगी बेहतर हो रही है.
ये सर्वेक्षण पूरे इराक़ में, सुरक्षा की स्थिति को ध्यान में रखते हुए, आमने-सामने इंटरव्यू के ज़रिए किया गया.