गुरुवार, 08 दिसंबर, 2005 को 02:35 GMT तक के समाचार
इंटरनेशनल रेड क्रॉस एंड रेड क्रीसेंट मूवमेंट के एंबुलेंसों और राहतकर्मियों के लिए एक नए प्रतीक चिन्ह को स्वीकृति मिल गई है.
सफेद पृष्ठभूमि में हीरे के आकार के लाल खोखले क्रिस्टल के चिन्ह को जिनीवा संधि के सदस्य देशों ने दो तिहाई मतों से मंज़ूरी दी है.
इसी के साथ युद्ध और आपदा के दौरान विभिन्न देशों की रेड क्रॉस कमेटी इन तीन प्रतीक चिन्हों में से किसी का इस्तेमाल कर सकेंगी- रेड क्रॉस, रेड क्रीसेंट और रेड क्रिस्टल.
इन चिन्हों को धारण करने वाले राहतकर्मियों और एंबुलेंसों को अंतरराष्ट्रीय क़ानून के तहत सुरक्षा प्राप्त होती है.
माना जाता है कि इसराइल को जिनीवा संधि में शामिल करने के लिए तीसरे प्रतीक चिन्ह को अपनाने का फ़ैसला किया गया है.
रेड शील्ड
उल्लेखनीय है कि इसराइल रेड क्रॉस और रेड क्रीसेंट चिन्हों को अपनाने से मना करता रहा है.
इसराइली एंबुलेंस और राहतकर्मी डेविड के 'रेड शील्ड' का इस्तेमाल करते हैं जिसे 1949 के जिनीवा संधि के तहत मान्यता नहीं मिली है.
अब इसराइल ने अपनी सीमा से बाहर रेड क्रिस्टल के इस्तेमाल की हामी भर दी है.
जिनीवा में सदस्यों देशों की बैठक की आयोजक स्विटज़रलैंड सरकार ने खेद व्यक्त किया है कि रेड क्रिस्टल चिन्ह को पूर्ण बहुमत के साथ स्वीकृति नहीं मिल पाई.
उल्लेखनीय है कि अरब देश इसराइल के लिए किसी तीसरे चिन्ह के चयन का विरोध करते रहे हैं.