गुरुवार, 08 दिसंबर, 2005 को 13:02 GMT तक के समाचार
उत्तर अटलांटिक सैन्य संधि संगठन यानी नैटो के विदेश मंत्रियों के बीच अफ़ग़ानिस्तान में संगठन की भूमिका बढ़ाने के बारे में सहमति हो गई है.
गुरूवार की बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में नैटो के विदेश मंत्रियों की बैठक में ये फ़ैसला हुआ.
इसके तहत नैटो देश के दक्षिण में 6,000 और सैनिकों को तैनात करेगा जिनमें लगभग एक तिहाई लोग ब्रितानी सैनिक हो सकते हैं.
फ़िलहाल नैटो के अफ़ग़ानिस्तान में लगभग 11,000 सैनिक हैं जो मुख्यतः देश के उत्तर और पश्चिम में तैनात हैं.
वहीं अफ़ग़ानिस्तान में अमरीका के लगभग 20,000 सैनिक तैनात हैं.
अब अफ़ग़ानिस्तान में नैटो का अभियान यूरोप के बाहर नैटो का सबसे बड़ा अभियान होगा.
चिंता
समझौते के तहत अफ़ग़ानिस्तान में ब्रिटेन के नेतृत्व वाली नैटो सेना का मुख्यालय काबुल में बनाया जाएगा.
बीबीसी के रक्षा संवाददाता का कहना है कि नैटो के कुछ सदस्य देशों में अपने सैनिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता थी जिससे सहमति में मुश्किल भी हुई.
संवाददाता का कहना है कि ऐसे देशों की चिंता को ध्यान में रखते हुए इस बात पर ज़ोर दिया गया कि नैटो का काम शांति और स्थिरता का ख़याल रखना होगा ना कि अल क़ायदा और तालिबान के सदस्यों की तलाश.
चरमपंथियों की तलाश का काम अभी भी अमरीका की अगुआई वाली सेना के ज़िम्मे होगा जिसने इस अभियान का नाम ऑपरेशन एन्ड्योरिंग फ़्रीडम रखा है.