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बुधवार, 07 दिसंबर, 2005 को 20:18 GMT तक के समाचार

प्रताड़ना पर अमरीकी नीति में 'बदलाव'

अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने कहा है कि प्रताड़ना पर संयुक्त राष्ट्र की संधि क़ैदियों से पूछताछ करने वाले अमरीकी अधिकारियों पर भी लागू होती है.

राइस ने यूक्रेन में कहा, "ये संधि सभी अमरीकी अधिकारियों पर लागू होती है, फिर चाहे वो अमरीका में हो या अमरीका के बाहर."

बुश प्रशासन इससे पहले कहता रहा है कि संयुक्त राष्ट्र की संधि अमरीका के बाहर पूछताछ कर रहे अधिकारियों पर लागू नहीं होती.

संवाददाताओं का कहना है कि इस बदलाव का कारण कांग्रेस से पड़ना वाला दबाव है.

कॉंडोलीज़ा राइस इन दिनों यूरोप के दौरे पर हैं.

पूरे दौरे में यही मुद्दा छाया रहा है कि अमरीका की ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए कथित तौर पर संदिग्ध चरमपंथियों को रखने के लिए विदेशी अड्डों का इस्तेमाल कर रही है.

बदलाव

कॉंडोलीज़ा राइस के साथ यूरोप गए अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि राइस के नए बयान को प्रताड़ना पर अमरीका की नीति मे बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है.

हालांकि एएफ़पी के मुताबिक़ राइस के एक सहयोगी ने कहा है कि ये बयान सिर्फ़ नीति के बारे में दिया गया स्पष्टीकरण है, बदलाव नहीं.

कुछ पूर्व क़ैदियों का कहना है कि उन्हें पीटा जाता था, बिजली के झटके दिए जाते थे और अकेले रखा जाता था.

कॉंडोलीज़ा राइस ने स्वीकार किया है कि 'रेंडिशन' नाम की प्रकिया के तहत संदिग्ध लोगों को विदेशों में ले जाया गया लेकिन राइस ने इस बात से इनकार किया कि इन लोगों को प्रताड़ित किया जाता था.

दो नवंबर को पहली बार ये ख़बर सामने आई कि सीआईए ने कुछ संदिग्ध अल क़ायदा चरमपंथियों को पूर्वी यूरोप, थाईलैंड और अफ़ग़ानिस्तान में रखा है.

न्यूयॉर्क में आधारित संस्था ह्मूमन राइटस वॉच का कहना है कि उसके पास सुबूत है कि संदिग्ध लोगों को पोलैंड और रोमानिया ले जाया गया.

पोलैंड, थाईलैंड और रोमानिया ने इस बात से इनकार किया है कि सीआईए को उनके यहाँ जेल चलाने की अनुमति दी गई.

जर्मनी, स्पेन, स्वीडन और आइसलैंड इन दावों की जाँच कर रहे हैं कि संदिग्ध चरमपंथियों को ले जाते समय सीआईए के विमान इन देशों के हवाईअड्डे पर उतरे.