गुरुवार, 08 दिसंबर, 2005 को 00:11 GMT तक के समाचार
इस बार के नोबेल पुरस्कार विजेता साहित्यकार हैरल्ड पिंटर ने इराक़ पर हमले के लिए अमरीकी राष्ट्रपति बुश और ब्रितानी प्रधानमंत्री ब्लेयर की कटु आलोचना की है.
साहित्य का नोबेल पुरस्कार ग्रहण करने के मौक़े पर अपने संबोधन में पिंटर ने राष्ट्रपति जॉर्ज बुश और प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर पर सरकारी आतंकवाद का दोषी ठहराया.
'कला, सत्य और राजनीति' शीर्षक संबोधन में उन्होंने दोनों नेताओं पर अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय में मुक़दमा चलाए जाने की भी माँग की.
ब्रितानी नाटककार पिंटर इस समय बीमार हैं. बुधवार को स्टॉकहोम में स्वीडिश एकेडमी ने उनके भाषण का वीडियो प्रदर्शित किया.
हालाँकि 75 वर्षीय पिंटर ये भाषण स्वीडिश एकेडमी में व्यक्ति रूप से उपस्थित होकर देना चाहते थे, लेकिन बीमार पड़ जाने के कारण उन्होंने अपने भाषण की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई.
अपने बेबाक भाषण में पिंटर ने सवाल किया कि क्या एक लाख लोगों की जान लेना किसी को जनसंहारक और युद्धापराधी क़रार देने के लिए पर्याप्त नहीं होगा.
कटु आलोचना
बीबीसी के एक संवाददाता के अनुसार पिंटर इससे पहले भी बुश-ब्लेयर की आलोचना करते रहे हैं, लेकिन इतनी तीखी आलोचना पहली बार की है.
उन्होंने आरोप लगाया कि अमरीका ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से अनेक सैनिक तानाशाहों को सक्रिय सहायता उपलब्ध कराई है.
पिंटर ने कहा कि इराक़ पर हमले की कार्रवाई में बुश में भूमिका पर हज़ारों अमरीकी शर्मिंदा और क्रोधित हैं.
ब्लेयर को उन्होंने अमरीका का पिछलग्गू बताया.
द बर्थडे पार्टी और बीट्रेयल जैसे प्रसिद्ध नाटकों के रचयिता हैरल्ड पिंटर को अक्तूबर में साहित्य के नोबेल पुरस्कार का विजेता घोषित किया गया था. पुरस्कार में उन्हें 13 लाख डॉलर की धनराशि मिलेगी.
पिंटर के लिए उनकी किताबों के प्रकाशक स्टीफ़न पेज शनिवार को नोबेल पुरस्कार ग्रहण करेंगे.